बोकारो, जिला प्रशासन ने जिला भर में जर्जर और असुरक्षित भवनों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कई निर्देश जारी किया है. उपायुक्त सह जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय नाथ झा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले के सभी सरकारी भवन, कार्यालय, आवासीय क्वार्टर, छात्रावास व अन्य संरचनाओं का तत्काल भौतिक निरीक्षण व संरचनात्मक सुरक्षा सर्वेक्षण कराया जायेगा. जर्जर, क्षतिग्रस्त या असुरक्षित पाये जाने वाले भवनों की शीघ्र मरम्मत, सुदृढ़ीकरण या रेट्रोफिटिंग अनिवार्य रूप से की जायेगी.
असुरक्षित भवन होंगे घोषित, खाली कराकर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान जो भवन मानव निवास के लिए अनुपयुक्त या खतरनाक पाये जायेगे, उन्हें सक्षम प्राधिकार द्वारा असुरक्षित व निंदनीय घोषित किया जायेगा. ऐसे भवनों को तुरंत खाली कराकर घेराबंदी की जायेगी. विधि एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार उनका ध्वस्तीकरण या पुनर्निर्माण किया जायेगा. सुरक्षा प्रमाणन के बिना किसी भी भवन के उपयोग पर रोक रहेगी.
प्रभावित परिवारों को मिलेगी त्वरित राहत
भवन गिरने या संरचनात्मक विफलता से प्रभावित लोग को जिला प्रशासन द्वारा तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जायेगी. इसमें अस्थायी आवास, चिकित्सा सुविधा, भोजन, पेयजल, स्वच्छता व अन्य आवश्यक राहत शामिल है. डीसी ने कहा कि यह राहत कार्य स्वास्थ्य विभाग, पुलिस एवं आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के समन्वय से किया जायेगा.
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तय होगी जिम्मेदारी
सभी संबंधित विभाग व संस्थानों को निरीक्षण, सुरक्षा स्थिति व की गयी कार्रवाई से संबंधित विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र उपायुक्त कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया. डीसी ने कहा कि आदेश अनुपालन में किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जायेगा. उपायुक्त ने कहा कि यदि भविष्य में किसी ऐसे भवन में दुर्घटना होती है, जिसे संबंधित विभाग द्वारा सुरक्षित घोषित किया गया हो, तो संबंधित अधिकारी व नियंत्रक प्राधिकार व्यक्तिगत और प्रशासनिक रूप से जिम्मेदार माने जायेंगे. लापरवाही, गलत प्रमाणन या तथ्यों को छुपाने की स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी.
जन-सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी भवन की स्थिति जर्जर या असुरक्षित प्रतीत हो, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित संस्था, कंपनी प्रबंधन, नियंत्रक प्राधिकार को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनहानि को रोका जा सके.
औद्योगिक इकाई को जारी हुआ पत्र
डीसी की ओर से संबंधित उपक्रम व औद्योगिक इकाइयों के वरीय अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. उक्त आदेश की प्रति बीएसएल बोकारो, सीसीएल की विभिन्न इकाइयों, डीवीसी के ताप विद्युत संयंत्रों, टीटीपीएस, बीपीएससीएल, आईईपीएल (ओरिका) सहित अन्य संबंधित संस्थानों के प्रमुख को दी गयी है. उपायुक्त ने चास- बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी को क्षेत्राधिकार में आदेश की कड़ाई से अनुपालन की निगरानी व प्रवर्तन का निर्देश दिया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
