इनकम टैक्स की बोकारो में दो जगहों पर छापेमारी, डीएमएफटी घोटाले की चल रही जांच

Income Tax Raid: झारखंड के बोकारो और चास में आयकर विभाग की छापेमारी से डीएमएफटी फंड घोटाले की जांच तेज हो गई है. मंगलवार की दोपहर को ठेकेदार और सप्लायर के ठिकानों पर दस्तावेज खंगाले गए. रामगढ़ के गोला में जब्त 51 लाख रुपये से जुड़ी कड़ी की भी जांच की गई. इससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल काफी बढ़ गई है. आयकर विभाग की छापेमारी से संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

बोकारो से धर्मेंद की रिपोर्ट

Income Tax Raid: झारखंड के बोकारो जिले में आयकर विभाग ने मंगलवार दोपहर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़ी बतायी जा रही है. टीम ने चास और बोकारो शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर कई दस्तावेज खंगाले. देर रात तक जांच जारी रहने की सूचना है.

चास और सेक्टर नौ में पड़ी दबिश

आयकर विभाग की टीम ने चास की प्रभात कॉलोनी में ठेकेदार सोनू मिश्रा के आवास पर छापा मारा. इसके साथ ही सेक्टर नौ की 37 स्ट्रीट स्थित मकान संख्या-978 में प्रकाश जेरॉक्स के मालिक प्रकाश कुमार के यहां भी जांच की गई. सूत्रों के मुताबिक करीब 15 अधिकारी सात वाहनों से पहुंचे थे. कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में हलचल मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई रांची आयकर विभाग की टीम द्वारा की जा रही है. हालांकि विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

डीएमएफटी फंड के दुरुपयोग की आशंका

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या डीएमएफटी फंड से जुड़े ठेकों और सप्लाई के कामों में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है. सोनू मिश्रा ने जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर वाल पेंटिंग का कार्य किया था. वहीं प्रकाश जेरॉक्स ने स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों में सामग्री आपूर्ति का काम संभाला था. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन कार्यों में वास्तविक खर्च से अधिक भुगतान दिखाया गया या फिर किसी तरह की वित्तीय अनियमितता की गई. दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है.

51 लाख नकदी जब्ती से जुड़ा मामला

जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की जांच की शुरुआत पिछले वर्ष गोला थाना क्षेत्र में हुई एक घटना से हुई थी. वहां जिले के एक क्लर्क की गाड़ी से 51 लाख रुपये नकद बरामद किये गये थे. इस बरामदगी के बाद विभाग ने डीएमएफटी योजनाओं से जुड़े कई लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था. सूत्र बताते हैं कि कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद संबंधित लोग पेश नहीं हुए. इसके बाद विभाग ने साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी की रणनीति तैयार की. माना जा रहा है कि जब्त नकदी और डीएमएफटी योजनाओं के भुगतान के बीच संभावित संबंध की जांच की जा रही है.

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राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल

छापेमारी के बाद जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. सोनू मिश्रा को एक प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारी का करीबी बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस वजह से मामले को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. आयकर विभाग फिलहाल दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में जुटा है. यदि जांच में वित्तीय अनियमितता के ठोस प्रमाण मिलते हैं, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल बोकारो में हुई यह कार्रवाई डीएमएफटी फंड की पारदर्शिता और उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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