संवाददाता, बोकारो : बोकारो जिला के दो अनुमंडल का जंक्शन प्वाइंट जैनामोड़-फुसरो सड़क की किस्मत अब बदलने वाली है. कारण है कि सड़क निर्माण संबंधित टेंडर प्रक्रिया अब फाइनल हो गया है. टेंडर बोली में क्लासिक इंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड एल-01 हुआ है. 128 करोड़ 19 लाख रूपया की लागत से निर्माण के लिए प्रस्तावित सड़क को क्लासिक इंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने 25.10 प्रतिशम कम बोली लगाकर प्राप्त किया है. कंपनी 96 करोड़ 01 लाख 43 हजार 100 रुपया में बनाने संबंध में टेंडर फाइनल हुआ है. टेंडर प्रक्रिया में 10 कंपनी ने हिस्सा लिया था.
क्या होगा फायदा
सड़क की वर्तमान स्थिति जर्जर है. स्थिति यह है कि 15 किमी का सफर करने में 30 मिनट से अधिक का समय लग जाता है. सड़क की स्थिति ऐसी कि बाईक हिचकोला खाते हुए सफर होता है. वहीं चार पहिया वाहन की रफ्तार भी धीमे हो जाती है. खास कर तुपकाडीह से पिछरी तक की स्थिति ज्यादा ही गंभीर है. सड़क बन जाने के बाद लोगों को यातायात संबंधित परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
औद्योगिक गतिविधि को मिलेगी रफ्तार
जैनामोड़-फुसरो सड़क जिला के व्यवसायिक गतिविधि का रीढ़ है. बोकारो इस्पात संयंत्र का विभिन्न उत्पाद, इंडियन ऑयल का एलपीजी गैस, डालमिया सीमेंट, बीपीसीएल से पेट्रोल-डीजल को झारखंड-बिहार व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिला में पहुंच इसी मार्ग से होता है. इतना ही नहीं कोल इंडिया का कोयला बालीडीह रैक तक इसी मार्ग से पहुंचता है. सड़क खराब होने से ट्रांसपोर्टिंग टाईम पर असर होता है. यानी सड़क बन जाने से व्यवसायिक गतिविधि को मजबूती मिलेगी.
क्या होगा खास
सड़क आधुनिक तरीका से बनाया जायेगा. अक्सर देखा जाता है कि सड़क निर्माण होने के बाद विभिन्न विभाग का पाईपलाईन व तार संबंध में गड्ढा खोद दिया जाता है. इसका असर सड़क के बेस पर होता है. प्रस्तावित सड़क इंजीनियरिंग, प्रिक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर बनेगा. इसके तहत एमडीआर-077 मार्ग को वर्तमान दो लेन में विकसित कर पक्के शोल्डर के साथ तैयार किया जायेगा, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही सुगम हो. सड़क के दोनों तरफ विशेष डक लाईन बनेगा, ताकि भविष्य में पाईप लाईन या तार गुजारने के लिए गड्ढा नहीं खोदना पड़े. वर्तमान दौर में सड़क 07 मीटर चौड़ी है, इसे 10 मीटर का बनाया जायेगा.
