Bokaro News : बोकारो में प्रतिदिन जरूरत 80 यूनिट रक्त की, उपलब्धता मात्र 40 यूनिट

Bokaro News : बोकारो में जरूरत से मुकाबले रक्त की उपलब्धता आधी है.

बोकारो को रोजाना लगभग 80 यूनिट रक्त चाहिए, लेकिन केवल 40 यूनिट उपलब्ध हो पाता है. रक्त के अभाव में मरीजों का ऑपरेशन तक टाल दिया जाता है. बोकारो में चार ब्लड बैंक रेडक्राॅस सोसाइटी, सदर अस्पताल, बोकारो जेनरल अस्पताल और केएम मेमोरियल अस्पताल में है. मांग के अनुसार रक्त की उपलब्धता नहीं होती है.

मुख्य बातें

सभी ब्लड बैंकों में थैलेसिमिया, प्लास्टिक एनिमिया, सिकलसेल एनिमिया, कैंसर, एड्स और बीपीएल कार्डधारी रक्त नि:शुल्क दिया जाता है.

अन्य मरीजों के लिए सदर अस्पताल ब्लड सेंटर में कोई चार्ज नहीं लगता है. एक यूनिट ब्लड के बदले एक यूनिट दान करना पड़ता है. रेडक्रॉस ब्लड बैंक में 700 रुपया प्रति यूनिट जार्च एक यूनिट

रक्तदान के बाद लिया जाता है. केएम मेमोरियल ब्लड बैंक में 1300 रुपया प्रति यूनिट चार्ज एक यूनिट

रक्तदान के बाद लिया जाता है. बोकारो जेनरल अस्पताल में कोई चार्ज नहीं लगता है.

जागरूकता है जरूरी

रक्तदान को महादान की संज्ञा दी गयी है. इससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवनदान मिलता है. इसके बावजूद अधिकतर लोग जागरूकता के अभाव में

रक्तदान करने से हिचकिचाते हैं.

रक्तदान करने से रक्तदाता की सेहत को भी फायदे होते हैं. चिकित्सकों के अनुसार

रक्तदान करने से दिल की सेहत में सुधार आता है. वजन नियंत्रित होता है. तन व मन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. 18 से 60 साल की उम्र तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति

रक्तदान कर सकता है.

क्या कहते हैं चिकित्सक

रक्तदान के दौरान कुछ तरह की सावधानियां भी बरतनी आवश्यक है. अगर आप किसी बीमारी के लिए दवा ले रहे हैं, तो

रक्तदान से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें. पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, ब्रेस्ट फीडिंग की स्थिति में महिलाओं को

रक्तदान करने से बचना चाहिए.

डॉ अरविंद कुमार, पूर्व उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बोकारो

ये हैं रक्तवीर मेरी मां को कैंसर था. वर्ष 1998 में मां के लिए रक्त की जरूरत हुई तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. मां को बचा नहीं सका. लेकिन उसी दिन से

रक्तदान करना शुरू कर दिया. अब तक 54 यूनिट

रक्तदान कर चुका हूं. इसके बाद एक चैनल बनाया, जो बोकारो ब्लड डोनर्स एसोसिएशन के नाम से चल रहा है. जरूरत पर

रक्तदान करने या कराने के लिए चला जाता हूं.

हरवंश सिंह सलूजा, संस्थापक सचिव, बोकारो ब्लड डोनर्स एसोसिएशन, बोकारो

20 साल पहले रांची के एक अस्पताल में मेरी एक सहेली एडमिट थी. मैं उस वक्त रांची में थी. सहेली का ऑपरेशन होना था. ब्लड की जरूरत थी. उसके यहां कई रिश्तेदार आये और चले गये.

रक्तदान के नाम पर सब ने चुप्पी साध रखी थी. ऐसे में मैंने

रक्तदान की इच्छा जतायी. महिलाओं को

रक्तदान के प्रति प्रेरित करती हूं. अब तक 18 यूनिट

रक्तदान कर चुकी हूं. जरूरतमंदों के लिए हर वक्त उपलब्ध हूं.

कुमारी पूनम, स्वास्थ्यकर्मी, चीरा चास

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