Bokaro News : एकेके प्रोजेक्ट विस्तार के लिए बरवाबेड़ा गांव होगा शिफ्ट

Bokaro News : पहले फेज में 250 घरों किया जायेगा शिफ्ट

राकेश वर्मा, बेरमो :

सीसीएल बीएंडके एरिया की एकेके परियोजना में खदान विस्तार के लिए परियोजना से सटे बरवाबेड़ा गांव को शिफ्ट किया जाना है. इसके लिए तीन साल से सीसीएल प्रबंधन प्रयासरत है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है. बरवाबेड़ा गांव के लोगों को तीन किमी दूर केएसपी फेज में शिफ्ट करना है. कंपनी नियमानुसार प्रबंधन विस्थापितों को मुआवजा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायेगी. सीसीएल प्रबंधन इसमें करीब 20 करोड़ रुपये खर्च करेगा. पिछले तीन साल से कई बार प्रबंधन ने प्रशासन (मजिस्ट्रेट) के सहयोग से नये पुनर्वास स्थल पर लोगों को शिफ्ट कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रबंधन को विस्थापितों का आक्रोश झेलना पड़ा.

पुलिस पिकेट खोलने को लेकर एसपी को दिया आवेदन

इस मामले में गिरिडीह सांसद के निर्देश पर प्रबंधन ने सांसद प्रतिनिधि सह आजसू नेता संतोष महतो से वार्ता की है. प्रबंधन के अनुसार वार्ता संतोषजनक रही. जल्द शिफ्टिंग में प्रगति दिखेगी. इधर, प्रबंधन ने केएसपी फेज दो परियोजना स्थित नया बरवाबेडा ग्राम का पुनर्वास को लेकर वहां पुलिस पैकेट खोलने के लिए बोकारो एसपी को आवेदन दिया है. एकेके के परियोजना पदाधिकारी सत्येंद्र सिंह के अनुसार पुनर्वास स्थल पर जाने को लेकर लोग भयभीत हैं. इसलिए पुलिस पिकेट खोलने का आग्रह एसपी से किया गया है.

सभी विस्थापित को दिया जायेगा पांच-पांच डिसमिल का प्लॉट

बरवाबेड़ा गांव के करीब 250 घरों को पहले फेज में शिफ्ट किया जाना है. सीसीएल प्रबंधन के अनुसार करीब 242 लोगों को नये पुनर्वास स्थल पर पांच-पांच डिसमिल जमीन का प्लॉट दिया जाना है. इसको लेकर प्लाटिंग शुरू कर दी गयी है. वहीं दूसरे फेज में 250 और लोगों को शिफ्ट किया जायेगा. फिलहाल दरगाह मुहल्ला के 37 लोगों के शिफ्टिंग के लिए प्रबंधन ने एसेसमेंट किया है. इनके घर के एवज में मुआवजा देना है. इसके लिए सीसीएल मुख्यालय ने चार करोड़ रुपये निर्गत किया है. जो लोग नये पुनर्वास स्थल पर शिफ्ट नहीं होना चाहते हैं, उनमें से प्रत्येक व्यस्क को छह लाख रुपये दिये जायेंगे.

देश के टॉप 25 कोयला खदानों में शामिल है एकेके

एकेके (अमलगमेटेड कोनार-खासमहल) परियोजना देश के टॉप 25 कोयला खदानों में शामिल है. बरवाबेड़ा गांव की शिफ्टिंग के बाद सीसीएल को इस गांव के भू-गर्भ से करीब 40 मिलियन टन कोयला मिलेगा. चालू वित्तीय वर्ष में यहां से सात मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य है. फिलहाल यहां से रोजाना 17-18 हजार एमटी कोयला उत्पादन हो रहा है. चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल व मई माह में उत्पादन नेगेटिव ग्रोथ में था, लेकिन जून से उत्पादन पॉजेटिव ग्रोथ में आ गया है. इस परियोजना में आउटसोर्स के तहत छह साल के लिए कोल प्रोडक्शन व ओबी रिमूवल का काम केएसएमएल कंपनी कर रही है. इसके अलावा बीकेबी कंपनी भी एक साल के लिए ओबी रिमूवल का काम कर रही है.

शिफ्टिंग का काम जल्द पूरा होगा : पीओ

इस संबंध में एकेके परियोजना के पीओ सत्येंद्र सिंह ने कहा कि नये पुर्नवास स्थल पर पुलिस पिकेट के लिए बोकारो एसपी को आवेदन दिया गया है. बरवाबेडा गांव से डीवीसी का हाई टेंशन तार हटाने का कांट्रेक्ट अवार्ड हो गया है. डेढ माह में यह काम पूरा हो जायेगा. बरवाबेड़ा के ग्रामीणों का शिफ्टिंग का काम जल्द पूरा होगा.

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