Bokaro news : ठेके में वर्चस्व को ले विस्थापित समितियां भिड़ीं, खूनी झड़प में दर्जन भर घायल

Bokaro news : चंद्रपुरा डी टाइप से निमिया मोड़ दो घंटे रहा अशांत

Bokaro news : प्रतिनिधि, चंद्रपुरा/फुसरो नगर. चंद्रपुरा में प्रस्तावित डीवीसी के 1600 मेगावाट के पावर प्लांट के कार्य में पेटी कॉन्ट्रेक्ट को ले मंगलवार को तीन विस्थापित समितियों के बीच हिंसक झड़प हो गयी. तीनों समितियों के लाेगों के बीच दिन में तीन बार जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक दर्जन से अधिक विस्थापित व स्थानीय लोग घायल हो गये. चंद्रपुरा डी टाइप से निमिया मोड़ तक एक किलोमीटर इलाका करीब दो घंटे अशांत रहा. जानकारी के अनुसार, डीवीसी में टेंडर लेने वाली कंपनियों में पेटी कॉन्ट्रेक्ट के तहत काम करने के लिए कई विस्थापित समितियां आमने-सामने हैं. यहां की आवासीय कॉलोनी में तोड़फोड़ के दूसरे चरण का काम हिंदुस्तान कॉरपोरेशन को मिला है. विस्थापित एवं प्रभावित संघर्ष समिति, रैयत विस्थापित मोर्चा एवं विस्थापित व स्थानीय संयुक्त मोर्चा इसमें ठेका लेना चाहते हैं. मंगलवार सुबह बुढ़ीडीह नीचे टोला निवासी हरि प्रसाद साव विस्थापित एवं प्रभावित संघर्ष समिति के चंद्रपुरा कार्यालय में थे, तभी संयुक्त मोर्चा के कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट कर दी. वह घायल हो गये. विरोध में संघर्ष समिति व रैयत मोर्चा से जुड़े संगठन के लोग कुछ ही देर में चंद्रपुरा स्थित समिति अध्यक्ष मो सनाउल्लाह के कार्यालय के समीप लाठी-डंडा लेकर भारी संख्या में जुट गये और घटना का जमकर विरोध किया. जहां कंपनी का काम चल रहा है, लोग मारपीट करनेवालों की खोज करते हुए वहां पहुंच गये. यहां काफी संख्या में संयुक्त मोर्चा के लोग जुटे थे. दोनों पक्षों में बहस के बाद मारपीट शुरू हो गयी. अलग-अलग स्थानों पर तीन बार झड़प हुई. लाठी-डंडे से हुई मारपीट में दोनों पक्ष के अजय मरांडी, रामकृष्ण ठाकुर, मो असलम, रमेश मुर्मू, शीतल टुडू, सुरेश सोरेन, अरुण कर्मकार, रामकृष्ण, अजय कुमार समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये. लोगों ने जेसीबी को भी नुकसान पहुंचाया. सभी घायलों को चंद्रपुरा अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया.

तीन समितियों में तीन बार हुआ संघर्ष, थाना के पास भी भिड़े :

इधर, डी टाइप से मारपीट की घटना के बाद विस्थापित एवं प्रभावित संघर्ष समिति व रैयत विस्थापित मोर्चा के लोग श्री साव का इलाज कराकर थाना पहुंचे. थाना में आवेदन देने के दौरान ही दूसरे पक्ष के विस्थापित संगठन के लोग अपने कुछ समर्थकों को लेकर थाना के बाहर पहुंच गये. यहां दोनों पक्षों के बीच फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गयी. जब मामला बढ़ा, तो पुलिस ने मोर्चा संभाला और लोगों को खदेड़ना शुरू किया. इस दौरान नावाडीह, दुगदा, बोकारो झरिया ओपी को भी मौके पर बुला लिया गया. चंद्रपुरा थाना प्रभारी विक्रम कुमार ने पुलिस बल के साथ हंगामा कर रहे लोगों को चंद्रपुरा व निमिया मोड़ इलाके से खदेड़ना शुरू किया.

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By MANOJ KUMAR

MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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