Bokaro News : बेरमो के गांधीनगर क्षेत्र के कुरपनिया निवासी युवक अब्दुल करीम (26) का शव गुरुवार की सुबह उसके घर पहुंचा. शव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया. परिजनों के विलाप से वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गयीं. अब्दुल के माता-पिता और नवविवाहिता पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था. अब्दुल की मौत से उसके परिजन व नवविवाहित पत्नी सदमे में हैं. छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के सिंधीतराई स्थित मेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को बॉयलर ब्लास्ट करने से अब्दुल की मौत हो गयी थी.
जनाजे में बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
अब्दुल करीम के जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. गांधीनगर कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया. घटना में अब्दुल बुरी तरह झुलस गया था. गंभीर अवस्था में रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार की रात मौत हो गयी. अस्पताल ले जाते समय अब्दुल ने अपने पिता और परिजनों से वीडियो कॉल पर बात की थी. उसने कहा था कि ‘शरीर में बहुत जलन है, बर्दाश्त नहीं हो रहा है.’
23 मार्च को हुई थी शादी, 12 अप्रैल को घर से गया था छत्तीसगढ़
मृतक अब्दुल करीम की शादी 23 मार्च को हुई थी. 12 अप्रैल को वह घर से छत्तीसगढ़ के लिए निकला था. उसका पूरा परिवार उसे छोड़ने चंद्रपुरा रेलवे स्टेशन गया था. 14 अप्रैल की सुबह उसने ड्यूटी ज्वाइन की थी और उसी दिन दोपहर में यह हादसा हो गया. इधर, सूचना पाकर जिप सदस्य टीनू सिंह, श्रमिक प्रतिनिधि वीरेंद्र कुमार सिंह, सुबोध सिंह पवार, मुखिया प्रतिनिधि आनंद सिंह, अफजल अनीश, मो सरफुद्दीन, जलील अंसारी, बलाल अंसारी, हारुन रशीद, असलम मास्टर, जहांगीर अंसारी, मो वाहिद, इरफान, जाकिर हुसैन, राजेश पासवान आदि अब्दुल के घर पहुंचे और परिजनों को ढाढस बंधाया.
