राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ आशा लकड़ा ने बुधवार को बोकारो में विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर जिला से संबंधित तीन मामलों पर सुनवाई की. बाद में बोकारो परिसदन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चीरा चास निवासी मालती देवी की जमीन पर अब्दुल अंसारी व अकलू राम ने पावर ऑफ अटॉर्नी बना कर कब्जा कर लिया था. उस पर मैरिज हॉल बना कर कमाई की जा रही थी. मालती देवी की शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने सुनवाई करते हुए पावर ऑफ अटॉर्नी पर रोक लगा दी. चास एसडीओ को मामले का पूरा अध्ययन करने का निर्देश दिया गया है. डॉ लकड़ा ने बताया कि सीएनटी एक्ट व पेशा कानून के तहत पावर ऑफ अटॉर्नी बना कर किसी की जमीन पर कोई दूसरा व्यक्ति काम नहीं कर सकता. राज्य सरकार को सीएनटी-एसपीटी एक्ट की जमीन बेचने से पहले जिला प्रशासन से आदेश लेने का नियम बनाना चाहिए.
डॉ आशा लकड़ा ने बताया कि तेतुलिया-सिवनडीह के एक मामले पर भी सुनवाई हुई. मुखिया पति गोपाल मांझी ने चरगी, एकटके, कातेरबेड़ा समेत अन्य गांवों की पेयजल समस्या दूर करने की मांग की थी. इस पर पेयजल आपूर्ति विभाग से डाटा मांगा गया. उक्त गांवों में जमीन की प्रकृति उबड़-खाबड़ होने की स्थिति में नल कनेक्शन डोर-टू-डोर देने की बजाय चार-पांच घरों को मिला कर एक जगह कनेक्शन देने का सुझाव दिया गया. वहीं, रानी कुमारी मुर्मू के जमीन संबंधित मामले पर भी सुनवाई हुई.Bokaro News : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य ने कई मामलों पर की सुनवाई
Bokaro News : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य ने कई मामलों पर सुनवाई की.
