कसमार प्रखंड के सिंहपुर शिवालय परिसर में आयाेजित भगता परब (मंडा परब) के दौरान सोमवार को भगवान शिव और बूढ़ा बाबा की पूजा के लिए श्रद्धालु उमड़े. रविवार की रात 12:30 बजे पूजा शुरू होते ही मंदिर में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे. सैकड़ों श्रद्धालु मीलों दूर से दंडवत करते हुए पहुंचे. सोमवार की रात को ””””चांवर डोली”””” की रस्म भी निभायी गयी. इसके तहत शिवगंगा (शायर बांध) से ”निशि जल” लाया गया. चांवर डोली के तहत एक अन्य रस्म भी हुई. इसमें शिवालय प्रांगण में स्थानीय डोम परिवार के सदस्यों ने ढाक बाजा बजाया. उसकी धुन पर नाचते हुए भक्तिया पेट के बल जमीन पर लेट गये. उन्हें बेंत या हाथ से छूकर डोम परिवार के सदस्यों ने उठाया.
गोइठा की राख का किया गया वितरण
शाम को ”बेमुतबानी” की रस्म भी निभायी गयी. इसके तहत शिवालय परिसर में गोबर गोइठा जलाया गया. उसकी राख का वितरण भगतिया की एक टोली ने गाजा-बाजा के साथ गांव में घूम कर सभी घरों में किया. इधर, शिवालय परिसर के निकट सिंहपुर इंटर कॉलेज तथा अन्य लोगों के द्वारा श्रद्धालुओं के बीच शरबत तथा चना-गुड़ का वितरण किया गया. मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष मृत्युंजय कपरदार, सुजीत कुमार, घनश्याम महतो, भरत किशोर साव, अधीर चंद्र शर्मा, लखन साव, शंकर महतो, राकेश साव, मनोज सिंह, अश्रु साव, जितेंद्र महतो, सुफल महतो, अमूल्य महतो, निरंजन महतो, रामकिशुन महतो, मुकेश महतो, चंदन, विष्णु जायसवाल, मिथिलेश महतो, सुनील कुमार महतो, अशोक कुमार महतो, सुरेश साव, लखीकांत, गुड्डू, राजेश महतो, सुमन महतो आदि मौजूद थे. इधर, प्रखंड के अजया (बगदा), मंजूरा आदि में भी आयोजित भगता परब में पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही.
