गरमी फूल, बिजली हाफ, हालत बाप रे बाप !

बोकारो: सूर्य व बादल की लुकाछिपी के कारण चुभती उमस वाली गरमी. ऐसी गरमी की पसीना पोछते-पोछते शरीर में लहर शुरू हो जाये. ऐसे में यदि बिजली रानी नखरे दिखाने लगे, तो स्थिति क्या होती है. इसका अनुभव लेना है तो बोकारो आइये. भीषण गरमी में बिजली की आंख मिचौनी ने बोकारो को बेहाल कर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 16, 2017 7:26 AM
बोकारो: सूर्य व बादल की लुकाछिपी के कारण चुभती उमस वाली गरमी. ऐसी गरमी की पसीना पोछते-पोछते शरीर में लहर शुरू हो जाये. ऐसे में यदि बिजली रानी नखरे दिखाने लगे, तो स्थिति क्या होती है. इसका अनुभव लेना है तो बोकारो आइये. भीषण गरमी में बिजली की आंख मिचौनी ने बोकारो को बेहाल कर दिया है. स्थिति ऐसी कि गरमी फूल, बिजली हाफ और मौसम बुलवाये बाप रे बाप. एक-एक पल काटना भी चुनौती से कम नहीं है.
शटर ऑन, बिजली गोन : बिजली व मौसम की बेरुखी ने ना सिर्फ आम लोगों का जनजीवन त्रस्त कर दिया है, बल्कि हर वर्ग इसकी मार झेल रहा है. खास कर व्यवसायी वर्ग को इससे बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है. शहर की व्यावसायिक हृदय स्थल सिटी सेंटर-04 की स्थिति ऐसी है कि दुकान का शटर खुलते ही बिजली रानी गायब हो जा रही है. इस मार को जेनेरेटर के मरहम से कम करने की कोशिश हो रही है, लेकिन गरमी के कारण ग्राहक दुकान से दूरी बनाये हुए हैं.
आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया : बिजली रानी के नखरे व मौसम की बेरुखी ने व्यावसायिक सिद्धांत को तार-तार कर दिया है. फायदा का व्यवसाय नुकसान का सबब बन रहा है. दुकानदारी के लिए व्यवसायियों को हर दिन (बिजली व्यवस्था पर) अतिरिक्त 2500-3000 रुपया का डीजल खर्च करना पड़ रहा है. ग्राहकों की कमी के कारण यह खर्च दुकानदारों पर महंगा पड़ रहा है. इतना ही नहीं दर्जी व लांड्री सेगमेंट के व्यवसायी को ऑन टाइम डिलेवरी देने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बोकारो में ब्लैक आउट सी स्थिति : हमेशा चमकने वाला बोकारो हाल-फिलहाल के दिनों में अंधेर नगरी बना हुआ है. गुरुवार की आंधी-बारिश के बाद शहर में ब्लैक आउट की स्थिति बनी हुई है. सोमवार को आठ घंटा (दिन में) से अधिक की बिजली कटौती हुई. ऐसी ही स्थिति रविवार व शनिवार को भी थी. रात में भी बिजली का आना-जाना लगा रहा. चास समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली के नखरे बदस्तूर जारी है. गरमी में बिजली की ऐसी कटौती समस्या बन गयी है.
जोर-शोर से चल रहा है मरम्मत कार्य : बीपीएससीएल में 210 से 213 मेगावाट बिजली का उत्पादन औसतन प्रतिदिन हो रहा है. मतलब, बिजली का उत्पादन ठीक-ठाक है. गत दिनों बोकारो में आये तूफान के कारण बहुत से पेड़ बिजली के तार पर गिर गये थे. दर्जनों स्थानों पर बिजली का तार क्षतिग्रस्त हो गया था. बीएसएल के विद्युत विभाग की ओर से तार को दुरुस्त करने का काम जोर-शोर से चल रहा है. इसी कारण, सेक्टरों में बिजली की कटौती की जा रही है. अगले एक -दो दिन में काम पूरा कर लिया जायेगा.