सर्राफा व्यवसाय. एक माह से जिले की एक हजार दुकानों पर लटके हैं ताले

लगन में आंदोलन से बढ़ी परेशानी... एक माह से सर्राफा व्यवसायी एक्साइज ड‍्यूटी के विरोध में आंदोलनरत हैं. जिले की लगभग एक हजार छोटी-बड़ी जेवर दुकानों में ताले लटक रहे हैं. इससे रोजाना लगभग 25 लाख का कारोबार प्रभावित हो रहा है. बोकारो : सर्राफा व्यवसायियों के साथ कारीगर व गहनों के खरीदारों की परेशानी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 1, 2016 6:44 AM

लगन में आंदोलन से बढ़ी परेशानी

एक माह से सर्राफा व्यवसायी एक्साइज ड‍्यूटी के विरोध में आंदोलनरत हैं. जिले की लगभग एक हजार छोटी-बड़ी जेवर दुकानों में ताले लटक रहे हैं. इससे रोजाना लगभग 25 लाख का कारोबार प्रभावित हो रहा है.
बोकारो : सर्राफा व्यवसायियों के साथ कारीगर व गहनों के खरीदारों की परेशानी भी बढ़ गयी है. चास-बोकारो में ही 500 सोना-चांदी की दुकान हैं. पूरे जिले की बात करें, तो चास-बोकारो के 150 बड़ी दुकानों पर सोना-चांदी का पूरा बाजार निर्भर कर रहा है. ऐसे में बाजार का बंद होना परेशानी का कारण है.
रोजाना लौट रहे हजारों खरीददार : चास-बोकारो ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सोनी के अनुसार रोजाना हजारों लोग खरीदारी की में बाजार आते हैं और लौट जाते हैं. शादी-विवाह का मौसम होने के कारण बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है. देश भर में बंदी होने के कारण दूसरी जगहों में भी खरीदारी नहीं की जा सकती है.