सौ मिलियन टन से अधिक बन चुका है इस्पात

बोकारो: बोकारो स्टील इस देश के लिए 100 मिलियन टन से अधिक इस्पात बना चुका है. यह वित्तीय वर्ष इस कारखाने के अस्तित्व का पचासवां साल है. उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग बोकारो स्टील की तात्कालिक प्राथमिकता है. इस दिशा में उपकरणों के समुचित रख-रखाव के लिए कई कदम उठाये गये हैं. यह वर्ष अनुरक्षण […]

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बोकारो: बोकारो स्टील इस देश के लिए 100 मिलियन टन से अधिक इस्पात बना चुका है. यह वित्तीय वर्ष इस कारखाने के अस्तित्व का पचासवां साल है. उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग बोकारो स्टील की तात्कालिक प्राथमिकता है.

इस दिशा में उपकरणों के समुचित रख-रखाव के लिए कई कदम उठाये गये हैं. यह वर्ष अनुरक्षण को समर्पित किया गया है. प्रबंधन का मानना है कि स्वस्थ उपकरणों के बिना उत्पादन में एकरूपता और व्यवसाय में प्रगति संभव नहीं है. परियोजनाओं की प्रगति बीएसएल प्रबंधन की दूसरी महत्वपूर्ण प्राथमिकता है.

नयी कोल्ड रोलिंग मिल की परियोजना पूरी हो चली है. इसके मुख्य हिस्सों का परीक्षण हो चुका है. चालू वित्त वर्ष में इस नयी मिल से उत्पादन शुरू हो जायेगा. इससे बीएसएल की उत्पाद-श्रृंखला और व्यवसाय का गुणात्मक संवद्र्घन होगा. आने वाले वर्षों में स्टील मेल्टिंग शॉप-1 का आधुनिकीकरण, एक नया सिंटर प्लांट, एक नयी कोक अवन बैटरी और अन्य परियोजनाओं पर काम होगा.

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