विभाग की उदासीनता जिले में 1800 योजनाएंहैं लंबित
बोकारो : भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की उदासीनता के कारण जिले में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी (मनरेगा) की सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडरों की राशि का भुगतान नहीं हो रहा है. जुलाई माह से वेंडरों का भुगतान नहीं होने से कई योजनाएं पूर्ण नहीं हो सकी है. बताते चलें कि लेबर पेमेंट व सामग्री पेमेंट में 60- 40 का अनुपात होता है.
अगर मजदूरी 60 प्रतिशत होगी तो मैटेरियल 40 प्रतिशत खर्च किया जायेगा. वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले में ग्रामीण पशुपालकों के बीच कई ग्राम पंचायतों में पशु शेड, कुआं आदि का निर्माण करवाया गया, लेकिन इसमें सामग्री की आपूर्ति करने वाले वेंडर की राशि भुगतान लंबित है. हालांकि इस योजना के तहत संबंधित योजनाओं की मजदूरों की मजदूरी की राशि का तो भुगतान कर दिया गया.
1800 योजनाएं है लंबित : सामग्री का पेमेंट लंबित रहने के कारण जिले में लगभग 1800 योजनाएं लंबित हैं. संबंधित पदाधिकारी के अनुसार इसमें भी कई योजनाएं पूर्ण हो चुकी है. लेकिन लेबर पेमेंट के बाद मेटेरियल का पेमेंट नहीं होने के कारण एमआइएस अपूर्ण है. इस कारण योजनाएं ऑनलाइन लंबित दिख रही है. इसमें भी सबसे अधिक मुर्गी पालन शेड व कुआं शामिल है.
