बीज-खाद का दाम तक निकलना हुआ मुश्किल
कुदरत की मार से किसान पलायन को मजबूर
ऊपरघाट : नावाडीह प्रखंड के ऊपरघाट में तापमान न्यूनतम दस डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है. क्षेत्र में पांच दिनों से शीतलहर जारी है. हाड़ कंपाने वाली ठंड से जनजीवन तो बुरी तरह प्रभावित हुआ ही है, साथ ही शीतलहर से किसानों को भी भारी क्षति हुई है. शीत व पछुवा शीतलहरी से साग-सब्जियों की फसल का प्रभावित हुई है. आलू के पौधों में पाला लगने से पत्ते मुरझा गये हैं. किसानों के लिए आलू के बीज का दाम तक निकालना मुश्किल है.
बीज के बराबर भी आलू नहीं : ऊपरघाट के किसान नुनूचंद महतो, गंगाराम महतो, तारा महतो, मुकेश महतो, जगदीश महतो, सालो देवी कहते हैं कि इस बार अत्यधिक शीतलहर से सर्वाधिक नुकसान आलू की फसल को हुआ है. खेतों में लगे आलू के बीज के बराबर भी फसल नहीं हुई है. आलू की फसल बचाने के लिए खेतों में धुआं भी किया, पर आलू की पैदावार को मरने से नहीं बचा पाया. कुदरत की दोहरी मार के कारण कई किसान दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं.
गोभी-गेहूं पर भी आफत : आलू के अलावे मटर, साग-सब्जियों की हालत खराब हो गयी है. ऊपरघाट के नौं पंचायत कंजकिरो, नारायणपुर, पलामू, पोखरिया, पेंक, बरई, मुंगो-रंगामाटी, काच्छो व गोनियांटो की लगभग डेढ़ लाख की आबादी खेती पर ही निर्भर है. इस साल कम वर्षा के कारण धान की फसल भी किसानों को दगा दे गया ओर शीतलहर के कारण आलू, मटर, टमाटर, बैंगन, सरसों, गोभी व गेहूं की फसल पर आफत आ गयी है.
