सूरत ले जाकर एक वर्ष तक किया था दुष्कर्म
बोकारो : पोक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश सह अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम रंजीत कुमार की अदालत ने एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म में गुरुवार को मुजरिम को 25 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. मुजरिम चंदनकियारी के बरमसिया ओपी अंतर्गत ग्राम पारबोआ निवासी बनर्जी महतो (40 वर्ष) है. वह विवाहित व बाल-बच्चों वाला है. मुजरिम को 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा भी दी गयी है.जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा.
नशे में धुत होकर बालिका से करता था मारपीट : बनर्जी महतो अक्सर शराब के नशे में धुत होकर बालिका के साथ बेरहमी से मारपीट करता था. उसकी मजदूरी के रुपये भी छीन लेता था. विरोध करने पर बनर्जी ने बालिका और उसकी बच्ची को बेच देने की धमकी दी. इसके बाद एक वर्ष बाद लड़की किसी तरह भागकर चंदनकियारी स्थित अपने गांव आ गयी. घटना की प्राथमिकी स्थानीय थाना में दर्ज कराना चाहा, लेकिन सफलता नहीं मिली. बाद में शिकायतवाद अदालत में दर्ज करायी गयी. अदालत के निर्देश के बाद स्थानीय थाना में यह मामला दर्ज किया गया था.
पीड़िता को मुआवजा और सरकारी सहायता दिलाने का निर्देश : न्यायाधीश ने इस मामले की पीड़िता को दुष्कर्म से पैदा हुई उसकी नौ माह की पुत्री और पीड़िता की गरीब माता-पिता को सरकार द्वारा मिलने वाली सभी तरह की योजनाओं का लाभ तीन माह के अंदर जिला प्रशासन को देने का निर्देश दिया. न्यायधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भी पीड़िता को यथाशीघ्र मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया है. सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार झा ने पीड़िता का पक्ष रखा.
