बाबा ने महोत्सव को पितृपक्ष में नहीं होने दिया, देवकाल में हुआ : अमर बाउरी
बोकारो/चंदनकियारी : चंदनकियारी के पोलिकरी में बुधवार से दो दिवसीय भैरव महोत्सव-2019 शुरू हुआ. उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने किया. उन्होंने कहा कि भैरव मंदिर चौथी सदी से यहां स्थापित है. झारखंड कला संस्कृति से परिपूर्ण राज्य है. यहां के मंदिर, प्राकृतिक सौंदर्य, कला संस्कृति अन्य राज्यों से भिन्न है. यहां के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है. सरकार राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित कर रही है, आगे भी यह काम होता रहेगा.
राज्यपाल ने कहा कि चंदनकियारी यानी चंदन की बगिया. शायद यह क्षेत्र किसी समय चंदन के पेड़ों से भरा रहा होगा. यहां के लोगों का स्वभाव भी चंदन की तरह ही निर्मल है. यहां आकर खुशी महसूस हो रही है. इससे पहले राज्यपाल हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचीं. सबसे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. उसके बाद वह सीधा भैरव मंदिर पहुंचीं और आशीर्वाद लिया. उन्होंने यहां सदियों से बह रहे कुंड को भी देखा.
चंदनकियारी विधायक सह भू-राजस्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. राज्य की प्रथम महिला पहली बार चंदनकियारी की धरती पर किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में आयी हैं. पिछले पांच वर्ष में चंदनकियारी सहित राज्य के अन्य धार्मिक स्थलों पर महोत्सव शुरू किया गया है, ताकि झारखंड के साथ-साथ पूरा देश व विश्व के मानचित्र पर इनकी पहचान बने. इस वर्ष चौथा भैरव महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. इस बार का महत्व है कि बाबा ने इस महोत्सव को पितृ पक्ष में नहीं होने दिया और देवकाल में हो रहा है.
