मधुपुर : नगर परिषद क्षेत्र से नियमित रूप से निकलने वाले कचरे को भेड़वा व चांदमारी के बीच स्थित जोरिया में नियमित रूप से फेंके जाने से जोरिया के अधिकांश हिस्सों का जल स्रोत सूख चुका है. कचरे के कारण काफी दूर तक जोरिया पूरी तरह से भरकर समतल हो गया है. वहीं, जोरिया के कचरा से चांदमारी व भेड़वा में आसपास के लोग इसके बदबू से लोग परेशान हैं. कचरा के कारण जोरिया का अस्तित्व ही तकरीबन समाप्त हो चुका है.
जोरिया में कचरा फेंके जाने से सूखा जलस्रोत, लोग परेशान
मधुपुर : नगर परिषद क्षेत्र से नियमित रूप से निकलने वाले कचरे को भेड़वा व चांदमारी के बीच स्थित जोरिया में नियमित रूप से फेंके जाने से जोरिया के अधिकांश हिस्सों का जल स्रोत सूख चुका है. कचरे के कारण काफी दूर तक जोरिया पूरी तरह से भरकर समतल हो गया है. वहीं, जोरिया के […]

बताया जाता है कि नप के भेड़वा व चांदमारी के बीच के जोरिया का कई भाग अभी भी जिंदा है और जल स्रोत निकल रहा है. जिससे आसपास के कुआं व चापाकल जिंदा है. लेकिन इस जोरिया में आधा किलोमीटर दूरी तक नियमित रूप से नगर परिषद द्वारा कचरा फेंका गया है. जिससे जोरिया के अस्तित्व पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है.
कूड़ा डंप के लिए चिह्नित की गयी 14 एकड़ जमीन
लोगों ने बताया कि विगत कुछ महीने पूर्व तक प्रत्येक दिन 16 ट्रैक्टर व चार ऑटो टिपर कचरा शहर से निकाल कर उक्त स्थल पर डंप किया जाता था. जहां कचरा फेंका जाता है वह नगर परिषद का जमीन है. लेकिन लापरवाही से कचरा जोरिया में भी फेंक दिया गया है.
हालांकि कचरा प्रबंधन के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के बौगेया में तकरीबन 14 एकड़ जमीन चिह्नित कर अधिग्रहित किया गया है. पूर्व में 35 लाख की लागत से इसके कुछ हिस्से में चहारदीवारी भी नगर पर्षद द्वारा कराया गया है. लेकिन आगे का काम अटका पड़ा हुआ है. कचरा प्रबंधन के लिए नगर पर्षद कार्यालय को 2.55 करोड़ राशि का पहला किस्त आ चुका है. इसके निर्माण से ही स्थायी समाधान हो सकेगा.
कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि जोरिया के पास जो भी कचरा फेंका गया है. उसे हटाया जायेगा, कचरा फेंकने की वैकल्पिक व्यवस्था किया जायेगा.