खुद की बैंकिंग व्यवस्था से एक दूसरे के मददगार बने आदिवासी

कसमार : आदिवासियों की अपनी कई व्यवस्थाएं अद्भुत एवं प्रेरक है. इनसे दूसरों को भी सीख लेने की जरूरत है. कसमार प्रखंड के सुदूर हिसिम पहाड़ पर स्थित केदला के मसरीडीह में आदिवासियों ने सुख-दुख की घड़ी में एक-दूसरे की मदद करने की एक ऐसी ही बैंकिंग व्यवस्था अपनायी है. लुगू बाबा विकास समूह बनाकर […]

कसमार : आदिवासियों की अपनी कई व्यवस्थाएं अद्भुत एवं प्रेरक है. इनसे दूसरों को भी सीख लेने की जरूरत है. कसमार प्रखंड के सुदूर हिसिम पहाड़ पर स्थित केदला के मसरीडीह में आदिवासियों ने सुख-दुख की घड़ी में एक-दूसरे की मदद करने की एक ऐसी ही बैंकिंग व्यवस्था अपनायी है.

लुगू बाबा विकास समूह बनाकर इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है. समूह से अब-तक दर्जनों लोगों को सुख-दुख में लाभ पहुंचाया जा चुका है. यह पूरी तरह से पुरुषों का समूह है. राजाराम मांझी इसके अध्यक्ष तथा तुलसी मुंडा सचिव व अघनु मांझी कोषाध्यक्ष हैं. यूं तो इसका गठन महिला समूहों की तर्ज पर ही किया गया है. लेकिन, इसकी व्यवस्था महिला समूहों से कई मायने में बिल्कुल भिन्न है.

50 हजार बांट चुके लोन : इस समूह का गठन पांच जनवरी 2017 को किया गया है. शुरुआती समय में इसमें मात्र 21 लोग थे. वर्तमान में 75 लोग जुड़ चुके हैं. प्रत्येक सदस्य हर सप्ताह 10 रुपये इन समूह में जमा करते हैं. हर रविवार को होने वाली बैठक में इस पैसे को जमा किया जाता है. अब-तक 90 हजार से अधिक रुपये जमा हो चुके हैं. इसमें से करीब 50 हजार रुपये सदस्यों को मुसीबत व जरूरत की घड़ी में लोन दिया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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