चास : चास प्रखंड के पुंडरु गांव में तीन दिवसीय पुंडरु चड़क पूजा महोत्सव रविवार को भक्ता घूरा और आलकाप के साथ संपन्न हुआ. दर्जनों गांवों के हजारों लोग आलकाप में हैरतअंगेज करतब देखने पहुंचे.
विभिन्न प्रकार के रूप धर कर और कला का प्रदर्शन कर कलाकारों ने लोगों को हैरत में डाल दिया. तीरों की शैय्या पर लेटे भीष्म पितामह, सूली पर प्रभु यीशु, नृत्य प्रस्तुत करते भगवान शिव आकर्षण का केंद्र रहे.
तेज धारदार हथियार पेट के आरपार कर, पूरे शरीर में लोहे की कील लगा कर, लोहे का छड़ शरीर के चमड़े में डाल कर धातु का बरतन लटकाना, तेज धारदार हथियार को गला के आरपार करना आदि करतब दिखाये गये. इस महोत्सव का आयाेजन पुंडरु गांव के हिंदू और मुस्लिम मिल कर 176 वर्षों से करते आ रहे हैं. गांव के प्रत्येक परिवार से एक सदस्य इसमें भाग लेता है.
पुंडरु 16 आना दिगार समिति की ओर से इस महोत्सव का आयोजन 12 अप्रैल से किया जा रहा है. समापन समारोह में भू राजस्व मंत्री अमर बाउरी, पूर्व मंत्री समरेश सिंह, झामुमो नेता संतोष रजवार समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद थे. आलकाप के बाद शाम में छऊ नृत्य का आयोजन हुआ.
सोमवार की शाम में बांग्ला नाटक का मंचन होगा. 18 को मुंबई की टीम द्वारा डांस कार्यक्रम, 19 की शाम को बांग्ला नाटक का मंचन होगा. आयोजन में कमेटी अध्यक्ष असीत सिंह, उपाध्यक्ष शिवराम शेखर, सचिव शंकरी प्रसाद झा, पुंडरू मुखिया धीरेन मिस्त्री, पंसस दिलीप महतो, असित मिस्त्री, बंकिम मिस्त्री, मेथर मिस्त्री, राम मिस्त्री, नीलकमल, चिंतामणि महतो, सोनाराम कुंभकार, अजीत सिंह चौधरी आदि का सक्रिय योगदान है.
