फुसरो : दुधमुंही के साथ लगायी आग, मां-बेटी की मौत, दोनों को बचाने छत से कूदा देवर घायल
फुसरो : बेरमो थानांतर्गत घुटियाटांड़ ए टाइप कॉलोनी के रीतेश ठाकुर की पत्नी अर्चना देवी उर्फ माला (26 वर्ष) ने अपनी दुधमुंही बच्ची को गोद में लेकर शुक्रवार की सुबह आग लगा ली. अर्चना की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि बच्ची 90 फीसदी जल गयी थी. बीजीएच में इलाज के क्रम में रात […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
फुसरो : बेरमो थानांतर्गत घुटियाटांड़ ए टाइप कॉलोनी के रीतेश ठाकुर की पत्नी अर्चना देवी उर्फ माला (26 वर्ष) ने अपनी दुधमुंही बच्ची को गोद में लेकर शुक्रवार की सुबह आग लगा ली. अर्चना की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि बच्ची 90 फीसदी जल गयी थी. बीजीएच में इलाज के क्रम में रात 10 बजे उसकी भी मौत हो गयी.
बच्ची को केंद्रीय अस्पताल ढोरी से प्राथमिक इलाज के बाद बीजीएच में भर्ती कराया गया था. अर्चना व बच्ची को बचाने में छत से कूदने के कारण उसके देवर राहुल ठाकुर का पैर टूट गया. उसका इलाज रीजनल अस्पताल करगली में चल रहा है.
ससुराल वालों पर हत्या का आरोप : घटना की सूचना पाकर मृतका के मायके औरंगाबाद जिला के बारून प्रखंड अंतर्गत सनथुवा गांव से उसकी मां, भाई सहित दर्जनों परिजन घुटियाटांड़ पहुंच गये. उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अर्चना ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि ससुरालवालों ने उसे जला कर मार डाला है. इसमें ससुर पारस ठाकुर, सास इंदु देवी, देवर राहुल कुमार, टिंकू कुमार, ननद कंचन, मिनी, दीक्षा व किरण समेत अन्य लोगों की संलिप्तता है.
वैसे घटना से संबंधित जानकारी बेरमो पुलिस को दे दी गयी है. इधर सनथुआ गांव में मातम का माहौल है. घर की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है.
शव सौंपा गया परिजनों को : घटना की सूचना मिलते ही बेरमो थाना प्रभारी कृष्ण कुमार साहू तथा एसआइ लाल बहादुर सिंह दलबल के साथ घटनास्थल पहुंच कर घटना की विस्तृत जानकारी ली. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर चास अनुमंडलीय अस्पताल ले गये. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.