बोकारो : 1973 में सेल के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी बनी थी बीएसएल

सुनील तिवारी बोकारो : बोकारो इस्पात कारखाने की स्थापना 29 जनवरी 1969 को एक लिमिटेड कंपनी के तौर पर हुआ था. 24 जनवरी 1973 को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) बनने पर बीएसएल सेल के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी बन गयी. अंतत: 01 मई 1978 को सार्वजनिक क्षेत्र लौह एवं इस्पात कंपनियां (पुनर्गठन व […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 22, 2019 5:01 AM
सुनील तिवारी
बोकारो : बोकारो इस्पात कारखाने की स्थापना 29 जनवरी 1969 को एक लिमिटेड कंपनी के तौर पर हुआ था. 24 जनवरी 1973 को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) बनने पर बीएसएल सेल के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी बन गयी. अंतत: 01 मई 1978 को सार्वजनिक क्षेत्र लौह एवं इस्पात कंपनियां (पुनर्गठन व विविध प्रावधान) अधिनियम 1978 के अंतर्गत इसका सेल में विलय हो गया. बीएसएल को देश का पहला स्वदेशी इस्पात कारखाना कहा जाता है.
छह अप्रैल 1968 को शुरू हुआ निर्माण कार्य
भारत में सार्वजनिक क्षेत्र में चौथे एकीकृत कारखाने की कल्पना 1959 में की गयी. बोकारो इस्पात कारखाने से संबंधित प्रस्ताव सोवियत संघ के सहयोग से 1965 में सामने आया. कारखाने की स्थापना संबंधी समझौते पर 25 जनवरी 1965 को हस्ताक्षर हुआ. डिजाइन के अनुसार कारखाने के प्रथम चरण में उत्पादन क्षमता 17 लाख टन और दूसरे चरण में 40 लाख टन निश्चित की गयी. कारखाने के और विस्तार की व्यवस्था भी की गयी थी. निर्माण कार्य 06 अप्रैल 1968 को शुरू हुआ.
दो अक्तूबर 1972 को पहली धमन भट्टी चालू
उपस्करो, साज-सामान व तकनीकी जानकारी को देखते हुए यह कारखाना देश का पहला स्वदेशी इस्पात कारखाना कहा जाता है. 17 लाख टन पिंड इस्पात का प्रथम चरण दो अक्टूबर 1972 को पहली धमन भट्टी चालू होने के साथ शुरू हुआ. 26 फरवरी 1978 को तीसरी धमन भट्टी चालू होने पर पूरा हुआ. बीएसएल में सपाट उत्पाद, जैसे हॉट रोल्ड कॉयल, हॉट रोल्ड प्लेट, हॉट रोल्ड शीट, कोल्ड रोल्ड कॉयल, कोल्ड रोल्ड शीट आदि का उत्पादन होता है.
सेल की एक महत्वपूर्ण इकाई बन गयी है बीएसएल
इस्पात उत्पादन की आधुनिकतम प्रवृत्तियों के अनुरूप कारखाने को ढालने के उद्देश्य से आधुनिकीकरण के प्रथम चरण को 23 जुलाई 1993 को स्वीकृति प्रदान की गयी. हॉट स्ट्रिप मिल का आधुनिकीकरण पूरा होने के बाद बोकारो उच्च क्वालिटी के हॉट रोल्ड उत्पाद तैयार कर रहा है. इनकी विश्व बाजार में काफी मांग है. आधुनिकीकरण के बाद कारखाने की क्षमता 45 लाख टन तरल इस्पात की हो गयी है. आज बीएसएल सेल की एक महत्वपूर्ण इकाई बन गयी है.
2019 में सेल के लक्ष्य के साथ कदमताल करेगा बीएसएल
ऑलटर्नेट गैस पाइप लाइन परियोजना के अंतर्गत कोक ओवन गैस लाइन चार्ज कर दी गयी है. 2019 में इस परियोजना को पूरा कर लिया जायेगा. ब्लास्ट फर्नेस-01 के स्टोव्स का अपग्रेडेशन व टॉर्पिडो लैडल, एचएमडीएस, एलडी गैस होल्डर आदि सुविधाओं से एसएमएस-02 की उत्पादन क्षमता के संवर्द्धन का कार्य शुरू किया गया है, जिसे 2019 में पूरा किया जायेगा. ऑटोमेशन के माध्यम से हॉट स्ट्रीप मिल की गुणवत्ता में सुधार के कदम भी उठाये जा रहे हैं.
नये सिंटर प्लांट के निर्माण कार्य में भी प्रगति हुई है. एसएमएस-01 का अपग्रेडेशन का कार्य जारी है, जिसे 2019 में ससमय पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. सेल के लक्ष्य में बीएसएल का योगदान होगा.
सेल स्थापना दिवस पर दौड़ेगा बोकारो
24 जनवरी सेल के स्थापना दिवस पर बोकारो स्टील प्लांट में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. सेक्टर-04 स्थित मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम से ‘सेल दिवस दौड़’ का आयोजन किया जायेगा. इसमें बीएसएल के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी व शहरवासी शामिल होंगे. इसकी तैयारी जोर-शोर से चल रही है. संबंधित विभाग के अधिकारी दौड़ की तैयारी में जुटे हैं. इसके अलावा प्लांट, इस्पात भवन, बीजीएच, जैविक उद्यान सहित अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. गांधी चौक -सेक्टर 04, पत्थरकट चौक -सेेक्टर 05 सहित शहर के सभी चौक -चौराहे को आकर्षक रूप से सजाया जायेगा.