एजेंसी ने सेल प्रबंधन को सौंप दिया हैं इ-0 प्रोमोशन परीक्षा का रिजल्ट
बोकारो : इ-0 प्रोमोशन परीक्षा में शामिल बोकारो स्टील प्लांट के कर्मियों को रिजल्ट के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा. दिल्ली हाइ कोर्ट में इ-0 पॉलिसी में संशोधन को लेकर सुनवाई 28 सितंबर को होनी है. कोर्ट में सेल प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा. उसके बाद ही रिजल्ट आने की संभावना है. उधर, कॉरपोरेट ऑफिस ने जिस एजेंसी को परीक्षा कराने की जिम्मेवारी दी थी, उसने सेल ऑफिस को अपना रिजल्ट सौंप दिया है. सेल ने जुलाई 2018 में इ-0 के लिए परीक्षा ली थी.
इ-0 प्रोमोशन के लिए परीक्षा 15 जुलाई 2018 को हुई थी. इसमें बोकारो स्टील प्लांट के लगभग 1100 कर्मचारी शामिल हुए हैं. इनमें से दो प्रतिशत कर्मियों को अधिकारी बनने का मौका मिलेगा. मतलब लगभग 130 कर्मचारी ही कर्मी से अधिकारी बन सकेंगे. बोकारो में परीक्षा सेक्टर छह स्थित क्रिसेंट पब्लिक स्कूल व चास स्थित आदर्श विद्या मंदिर में हुई थी. परीक्षा के बाद से कर्मी अधिकारी बनने की आस में बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. रिजल्ट को लेकर कर्मियों में संशय की स्थिति है.
दिल्ली हाइ कोर्ट में इ-0 पॉलिसी में संशोधन को लेकर 28 सितंबर को सुनवाई
लंबे अंतराल के बाद हुई थी परीक्षा
इ-0 प्रोमोशन के लिए बीएसएल सहित सेल में लंबे अंतराल के बाद परीक्षा हुई थी. अंतिम बार यह परीक्षा 2010 में ली गयी थी. प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 में कर्मी को अधिकारी बनने का मौका देने के लिए हर दो साल पर परीक्षा लेने संबंधी सर्कुलर जारी हुआ था. परीक्षा वर्ष 2008 में हुई, रिजल्ट भी निकला. रिजल्ट पर काफी विवाद भी हुआ. उसके बाद वर्ष 2010 में परीक्षा हुई. वर्ष 2010 के बाद सीधे वर्ष 2018 (जुलाई) में यह परीक्षा ली गयी. इस बीच के कई कर्मी रिटायर हो गये.
15 अगस्त के बाद थी रिजल्ट की चर्चा
इ-0 प्रोमोशन परीक्षा का रिजल्ट 15 अगस्त के अगले दिन निकलने की चर्चा जोरों पर थी. लेकिन रिजल्ट नहीं निकला. प्रबंधन ने अब तक परिणाम घोषित नहीं किया. अब उम्मीद जतायी जा रही है कि सितंबर के अंत तक इसका परिणाम आ जायेगा. रिजल्ट को लेकर कोई भी अधिकारी कुछ भी स्पष्ट रूप से कहने में असमर्थता जाहिर कर रहा है. उधर, कर्मी भी रिजल्ट को लेकर परेशान हैं. मामला कोर्ट में होने के कारण संभावना जतायी जा रही है कि रिजल्ट 28 सितंबर के बाद ही आयेगा.
परीक्षा को निरस्त किया जाये : डेफी
डिप्लोमा इंजीनियर्स के राष्ट्रीय संगठन डेफी (डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरशेन ऑफ इस्पात) के लीगल सेल ने इ-0 परीक्षा के पहले ही पॉलिसी में संशोधन के लिए 11 जुलाई 2018 को कोर्ट में मामला पुटअप किया. कोल इंडिया में भी वर्ष 2010 के दौरान प्रोमोशन की परीक्षा से पहले इस तरह से विवाद की स्थिति बनी थी. तब कोल इंडिया ने सभी योग्य कर्मियों का प्रोमोशन किया था. डेफी ने प्रबंधन से मांग किया है कि इ-0 परीक्षा को निरस्त किया जाये. नये सिरे से फिर परीक्षा ली जाये.
…तो सवाल अलग-अलग क्यों ?
डेफी की मांग है कि पिछले 2012, 2014 व 2016 में इ-0 की परीक्षा नहीं ली गयी थी, प्रबंधन इसके बदले में इस बार बैकलॉग को भरे. इससे अधिक कर्मियों का प्रोमोशन हो सकेगा. बोकारो स्टील प्लांट में हर साल कम से कम 100 से 150 कर्मचारी, अधिकारी बन सकते थे. प्रबंधन ने परीक्षा नहीं ली, इस वजह से वे इससे वंचित रह गये. इसलिए पदों की संख्या को बढ़ायी जाये. डेफी का कहना है : परीक्षा देने वाले सभी जब अधिकारी बन रहे हैं, तो सवाल अलग-अलग क्यों पूछे जा रहे हैं.
