माता-पिता ने पुत्र के दोस्तों पर लगाया मारपीट कर डुबोने का आरोप
पुलिस ने किया यूडी केस दर्ज
चास/पिंड्राजोरा : चास मु. थाना क्षेत्र के मामरकुदर स्थित इजरी नदी से चास निवासी सुजीत दत्ता के पुत्र पवन दत्ता (15) का शव गुरुवार को खेतको से आये गोताखोर की टीम ने निकाला. चार सदस्यीय टीम ने आधे घंटे में ही शव को नदी से निकाल लिया. गौरतलब है कि पवन बुधवार को नहाने के क्रम में डूब गया था. वह अपने आठ दोस्तों के साथ नहाने गया था. चास मु थाना के एएसआइ अक्षय कुमार ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भिजवाया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. इससे पूर्व घटना से मर्माहत मृतक के परिजनों व स्थानीय लोगों ने सुबह लगभग आठ बजे इजरी नदी के पास ही चास-चंदनकियारी सड़क को जाम कर दिया. लोग घटना में प्रशासनिक लापरवाही की बात कर रहे थे. साथ ही तुरंत गोताखोर बुलाकर शव को बाहर निकालने की मांग कर रहे थे. सूचना मिलते ही चास सीओ वंदना सेजवलकर पहुंची और लोगों को समझाया.
बताया कि खेतको की गोताखोर टीम पहुंचने वाली है. इसके बाद सड़क जाम हटाया. इस दौरान कई कामगार जाम में फंसे रहे. शव निकलते ही परिजन रोने-बिलखने लगे. परिजनों ने चास थाना पहुंच उसके दोस्तों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया. चास थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि यूडी केस दर्ज कर लिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की असलियत पता चल पायेगी.
जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को बंधाया ढांढस : स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया. जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि बोकारो में एकमात्र खेतको की गोताखोर टीम है. इनको आधुनिक किट उपलब्ध करायें. मौके पर आजसू पार्टी के जिला सहप्रवक्ता प्रकाश शर्मा, कांग्रेस नेता जवाहरलाल माहथा, मनोज राय, अमर स्वर्णकार, आजसू के जिला प्रवक्ता प्रकाश शर्मा, भाजपा के त्रिलोचन झा आदि मौजूद रहे.
नदी में कैसे बना 30 फीट गहरा गड्ढा : स्थानीय लोगों के अनुसार नदी के पास वर्षों पूर्व एक क्रशर था. जो पत्थरों को तोड़कर बिल्डिंग निर्माण के लिये गिट्टी तैयार करता था. क्रशर से सटे इजरी नदी के बीचों-बीच लगभग 25 फीट बड़ा एक पत्थर था. क्रशर मालिक ने नदी के अंदर से उक्त पत्थर को कई सालों तक तोड़ते हुये बाहर निकाल दिया. इससे नदी के बीचों-बीच 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया. इजरी नदी के बाकी हिस्सों में मुश्किल से तीन से चार फीट ही पानी रहता है. स्थानीय लोग हमेशा नदी में नहाते हैं.
