बिना मान्यता की डिग्री की पढ़ाई को सचिव ने कराया बंद

चास :चास महिला महाविद्यालय को विश्वविद्यालय से डिग्री की पढ़ाई की मान्यता नहीं होने के बाद भी यहां इसकी पढ़ाई करायी जा रही थी. महाविद्यालय के नये सचिव राजेंद्र विश्वकर्मा ने बैकडोर से होने वाली डिग्री की पढ़ाई बंद करा दी साथ ही प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया. गौरतलब हो कि चास महिला महाविद्यालय […]

चास :चास महिला महाविद्यालय को विश्वविद्यालय से डिग्री की पढ़ाई की मान्यता नहीं होने के बाद भी यहां इसकी पढ़ाई करायी जा रही थी. महाविद्यालय के नये सचिव राजेंद्र विश्वकर्मा ने बैकडोर से होने वाली डिग्री की पढ़ाई बंद करा दी साथ ही प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया. गौरतलब हो कि चास महिला महाविद्यालय को वर्ष 2004 में सिर्फ इंटर कॉलेज की ही मान्यता दी गयी थी. जबकि कॉलेज के कर्मी बैकडोर से डिग्री की पढ़ाई करा रहे थे.
लेकिन डिग्री की परीक्षा के लिये छात्राओं का फार्म दूसरे कॉलेजों से भरवाया जाता था. गौरतलब हो कि वर्ष 1984 में चास महिला महाविद्यालय की स्थापना की गयी थी. यहां स्थापना काल से डिग्री की पढ़ाई होती थी, लेकिन 2004 में महाविद्यालय का अहर्ता पूरी नहीं होने पर विश्वविद्यालय की ओर से मान्यता रद्द कर दी गयी. इसके बाद भी महिला कॉलेज में बैकडोर से डिग्री की पढ़ाई जारी थी.
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
बोकारो जिला कांग्रेस के प्रवक्ता वनमाली दत्ता ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस फैसले के खिलाफ आंदाेलन की चेतावनी दी है. श्री दत्ता ने बताया कि चास के अभिभावक अपने बच्चियों को डिग्री की पढ़ाई कराने के लिये बोकारो भेजना नहीं चाहते हैं. स्थानीय विधायक व सचिव के मिली भगत से पढ़ाई बंद करा दी गयी है. अगर पढ़ाई शीघ्र शुरू नहीं होती है तो कांग्रेस कमेटी सहित अन्य संगठनों को लेकर वर्तमान व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जायेगा. बताया कि स्थानीय लोगों ने मेयर भोलू पासवान से संपर्क कर यहां डिग्री की पढ़ाई फिर से चालू कराने का अनुरोध किया है.
निर्णय का विरोध : इधर, स्थानीय लोगों प्रदीप दे, विमल प्रसाद, सईद अहमद ने सचिव के इस निर्णय का विरोध किया है. कहा कि यह चास का एकमात्र महिला महाविद्यालय है. इसमें वर्षों से डिग्री की पढ़ाई होती थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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