बोकारो : बैंक ऑफ इंडिया इम्प्लाॅइज यूनियन का दो दिवसीय छठा त्रैवार्षिक सम्मेलन शनिवार को सेक्टर पांच स्थित एनआइपीएम भवन में शुरू हुआ. इस राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन एटक की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर ने किया. उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर कर निजी कंपनियों को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है.
बैंकों को भी निजी हाथों में देने की साजिश हो रही है. पेमेंट बैंक के रूप में बैंकों का निजीकरण शुरू भी हो रहा है. यह सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है. वादाखिलाफी का रिकॉर्ड बना रही है. आर्थिक सुधार के नाम पर सरकार मनमाने कदम उठा रही है. इससे बैंकिंग व्यवस्था चरमरा गयी है.
श्रीमती कौर ने कहा कि महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर मजदूर व बैंककर्मी उतार रहे हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक वेतन भी नहीं मिल रहा है. बैंक कर्मियों के सामने लंबी चुनौती है. इसलिए संघर्ष करना होगा. संघर्ष के जरिये ही मजदूरों को एक समूह में बांधा जा सकता है. एटक लंबे अरसे से यही काम करते आ रही है. समय-समय पर इसका असर भी दिखायी देता है.
मुख्य अतिथि ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन नागर ने कहा कि वेज रिविजन को लेकर बैंक कर्मियों में हताशा का माहौल है. आइबीए की ओर से मात्र दो प्रतिशत इजाफा की पेशकश की गयी है. इसके विरोध में 30 व 31 मई में बैंक कर्मी हड़ताल करेंगे. श्री नागर ने कहा कि पूंजीपतियों को कर्ज दिया जा रहा है और ग्राहकों पर टैक्स का बोझ दिया जा रहा है.
सम्मेलन से पहले बैंककर्मियों ने सेक्टर चार स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा से आयोजन स्थल तक रैली निकाली. विशिष्ट अतिथि फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन के उपाध्यक्ष एएम परेरा, रामेश्वर प्रसाद, पीके पटनायक आरबी सहाय, आशीष घोष, एसएन दास, राकेश मिश्रा आदि मौजूद थे.
