थर्मल प्लांट बंद करने की बजाय डीवीसी बिजली उत्पादन लागत घटाये : रवींद्र

बेरमो : गिरिडीह सांसद रवींंद्र कुमार पांडेय बुधवार को नव पदस्थापित केंद्रीय ऊर्जा सचिव अजय कुमार भल्ला से श्रम शक्ति भवन, दिल्ली में मिले. डीवीसी के चंद्रपुरा और बोकारो थर्मल ताप विद्युत केंद्र की सभी पुरानी इकाइयों को बंद करने पर चिंता जतायी. कहा कि पुरानी होने के बावजूद उक्त इकाइयों से क्षमता के अनुरूप […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
बेरमो : गिरिडीह सांसद रवींंद्र कुमार पांडेय बुधवार को नव पदस्थापित केंद्रीय ऊर्जा सचिव अजय कुमार भल्ला से श्रम शक्ति भवन, दिल्ली में मिले. डीवीसी के चंद्रपुरा और बोकारो थर्मल ताप विद्युत केंद्र की सभी पुरानी इकाइयों को बंद करने पर चिंता जतायी. कहा कि पुरानी होने के बावजूद उक्त इकाइयों से क्षमता के अनुरूप उत्पादन हो रहा है. देश में बिजली की मांग रहने के बावजूद डीवीसी को अगर महंगी होने से खरीदार नहीं मिल रहा है तो उत्पादन लागत कम करने का प्रयास होना चाहिए. डीवीसी की बिजली खपत के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए. पुरानी इकाइयों को बंद करने से पूर्व नयी इकाइयों को स्थापित कर श्रमिकों का समायोजन होना चाहिए. श्री पांडेय ने कहा कि विगत दिनों चंद्रपुरा की पुरानी इकाई बंद होने के बाद वर्षों से स्थाई प्रकृति के कार्य में लगे सैकड़ों ठेका श्रमिकों के समक्ष रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है.
स्थानीय एवं मुख्यालय स्तर पर लगातार मांग के बावजूद उनका समायोजन नहीं किया जा रहा है. आर्थिक बदहाली का हवाला देकर श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है. संचालन एवं संपोषण का कार्य एकालोजेस्टिक जैसी बड़ी ठेका कंपनियों को ऊंचे दर पर आवंटित कर स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से स्थाई प्रकृति के कार्य में वर्षों से लगे स्थानीय व विस्थापित ठेका श्रमिकों की अप्रत्यक्ष रूप से छंटनी की जा रही है. स्थायीकरण या समान काम के लिए समान वेतन के हकदार स्थाई प्रकृति के कार्य में लगे 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सूचिबद्ध ठेका श्रमिकों को सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया जाता है. एनसीडब्ल्यूए से निर्देशित बेरमो माइंस में मृत कर्मचारी के आश्रितों को स्थाई नियोजन नहीं दिया जा रहा है. 50-60 वर्ष पूर्व पुनर्वासित विस्तापितों को डीवीसी द्वारा प्रदत्त भूमि का अभी तक मोटेशन नहीं होने के कारण उन्हें मालिकाना हक नहीं मिला है. इन कारणों से ठेका श्रमिकों के साथ स्थानीय व विस्थापितों में रोष है. इससे औद्योगिक शांति भंग होगी और बदहाल डीवीसी को खामियाजा भुगतना पड़ेगा. उपरोक्त मामले पर ऊर्जा सचिव ने आश्वस्त किया कि यथाशीघ्र डीवीसी के अध्यक्ष को बुला कर समुचित समाधान के लिए आपेक्षित निर्देश दिया जायेगा.
चंद्रपुरा में डीवीसी चेयरमैन का स्वागत
डीवीसी चेयरमैन एडब्ल्यूके लैंगस्टे बुधवार की शाम चंद्रपुरा स्थित डीवीसी निदेशक भवन पहुंचे. सीटीपीएस के एचओपी बीएन शाह, सीइ ए नंदी, प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक वीएम चरण पहाड़ी ने उन्हें बुके देकर स्वागत किया़ मौके पर उप मुख्य अभियंता आरबी सिंह, एसके राय, आरपी सिंह, सुभाष सिंह, एके झा, वरीय अपर निदेशक बीबी सिंह आदि उपस्थित थे़ चेयरमैन ने स्थानीय डीवीसी अधिकारियों के साथ बैठक की़ गुरुवार को चेयरमैन डीवीसी प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित क्वालिटी सर्किल क्विज प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे.
बोकारो थर्मल पावर प्लांट को बंद करने के निर्णय का विरोध
बोकारो थर्मल सहित चंद्रपुरा एवं दुर्गापुर की यूनिटों को एक साथ बंद करने का निर्णय डीवीसी की प्रबंधकीय अक्षमता को दर्शाता है़ वर्तमान डीवीसी अध्यक्ष पदभार ग्रहण के बाद से ही बोकारो थर्मल पावर प्लांट को बंद करना चाह रहे थे़ 2014 मे पावर प्लांट को बंद भी किया गया था, परंतु लगातार आंदोलनों के कारण उसे दुबारा चालू किया गया था़ भारत सरकार को डीवीसी में एक कर्मठ एवं सक्षम चेयरमैन नियुक्ति करना चाहिए, जिससे डीवीसी को बचाया जा सके़
आरएस पांडेय, केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, स्टाफ एसोसिएशन
प्लांट को बंद करने का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है़ पर्यावरण के जिन मापदंडों का हवाला देकर प्लांट को बंद करने का निर्णय लिया गया है, वह पूरी तरह से गलत है़ डीवीसी को यूनिटों में अतिरिक्त इएसपी लगा कर प्रदूषण को नियंत्रित करना चाहिए. प्लांट का बंद करना गलत है.
मो़ शाहजहां, भाकपा जिला कार्यकारिणी सदस्य
डीवीसी के दस सदस्यों ने कोलकाता में बैठ कर आखिरकार इतना बड़ा फैसला कैसे ले लिया़ बी पावर प्लांट को बंद ही करना था तो तीन नंबर यूनिट में करोड़ों रुपया मेंटेनेंस पर क्यों खर्च किया गया़ सरकार व मंत्रालय बोकारो थर्मल के सभी कनीय अभियंताओं से लेकर प्रोजेक्ट हेड तक का एक साथ तबादला कर दे़
ब्रजकिशोर सिंह, अध्यक्ष, डीवीसी यूसीडब्ल्यूयू
पावर प्लांट को बंद करने का निर्णय तुगलकी फरमान की तरह है़ चुनाव के बाद इस निर्णय का पुरजोर विरोध किया जायेगा़ जिस तरह आंदोलन के कारण रघुनाथपुर प्लांट को बेचने से बचा लिया गया, उसी तरह बोकारो थर्मल प्लांट को भी बंद होने नहीं दिया जायेगा़
जानकी महतो, संयुक्त सचिव, डीवीसी मजदूर यूनियन
डीवीसी के कॉमर्शियल विभाग के अधिकारी बिजली के लिए बाजार ढूंढ़ने का काम करते तो आज डीवीसी को यह दिन देखना नहीं पड़ता़ भ्रष्टाचार के कारण डीवीसी का यह प्लांट बंदी के कगार पर आ गया है़
मोतीलाल महतो,सदस्य, भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा
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