हरियाणा की पहचान कृषि, उद्योग, खेल और रक्षा सेवाओं में अपनी मजबूत भागीदारी के लिए रही है. दिल्ली-एनसीआर से जुड़ा होने के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में कनेक्टिविटी और शहरी बुनियादी ढांचे की भी अहम भूमिका है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हरियाणा से जुड़ी कई बड़ी केंद्रीय परियोजनाओं की घोषणा, स्वीकृति, आधारशिला या उद्घाटन हुआ है. इनमें AIIMS रेवाड़ी, गुरुग्राम मेट्रो, रेलवे परियोजनाएं, रेवाड़ी बाइपास, हिसार एयरपोर्ट और यमुनानगर की 800 मेगावाट बिजली परियोजना प्रमुख हैं. इनके साथ पीएम किसान और फसल बीमा जैसी योजनाओं का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा है.
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AIIMS रेवाड़ी: दक्षिणी हरियाणा के लिए स्वास्थ्य का बड़ा प्रोजेक्ट
हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी सबसे प्रमुख परियोजनाओं में AIIMS रेवाड़ी शामिल है.
फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेवाड़ी में AIIMS की आधारशिला रखी. परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1,650 करोड़ रुपये बताई गई थी. सरकार के अनुसार, संस्थान का उद्देश्य क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है.
AIIMS की योजना की मंजूरी इससे पहले 2019 में दी गई थी. उस समय केंद्र सरकार ने इसे हरियाणा में स्थापित होने वाला पहला AIIMS बताया था. प्रस्ताव में 750 बिस्तरों वाला अस्पताल, 100 MBBS सीटें और 60 नर्सिंग सीटों का प्रावधान शामिल था.
इस तरह रेवाड़ी की परियोजना को केवल अस्पताल निर्माण के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, मेडिकल शिक्षा और रोजगार के संभावित केंद्र के रूप में देखा जा सकता है.
गुरुग्राम मेट्रो: NCR की कनेक्टिविटी को नया विस्तार
हरियाणा के सबसे बड़े शहरी-औद्योगिक केंद्रों में गुरुग्राम की भूमिका को देखते हुए मेट्रो कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है.
केंद्र सरकार ने जून 2023 में हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी और द्वारका एक्सप्रेसवे तक मेट्रो कनेक्टिविटी को मंजूरी दी थी. परियोजना की लंबाई 28.50 किलोमीटर और अनुमानित लागत लगभग 5,452 करोड़ रुपये बताई गई.
फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी आधारशिला रखी. प्रस्तावित कॉरिडोर मिलेनियम सिटी सेंटर से उद्योग विहार फेज-5 तक जाएगा और मौजूदा रैपिड मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेगा.
गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए इसका महत्व सार्वजनिक परिवहन, रोजगार केंद्रों तक पहुंच और NCR के भीतर आवागमन के संदर्भ में है.
सड़क और रेलवे: रेवाड़ी से लेकर दूसरे हिस्सों तक कनेक्टिविटी
हरियाणा के विकास में सड़क और रेलवे नेटवर्क की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.
फरवरी 2024 में रेवाड़ी में केंद्र सरकार ने लगभग 9,750 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया. इनमें शहरी परिवहन, स्वास्थ्य, रेलवे और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल थीं. रोहतक-मेहम-हांसी रेल सेक्शन में ट्रेन सेवा भी शुरू की गई.
अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने 14.4 किलोमीटर लंबे रेवाड़ी बाइपास का उद्घाटन किया. लगभग 1,070 करोड़ रुपये की यह परियोजना भारतमाला परियोजना के तहत बनाई गई है. सरकारी जानकारी के अनुसार, इसका उद्देश्य रेवाड़ी शहर में यातायात दबाव कम करना और दिल्ली-नारनौल यात्रा को सुगम बनाना है.
यमुनानगर की 800 MW बिजली परियोजना
किसी भी राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए ऊर्जा आपूर्ति बुनियादी आवश्यकता है.
अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने यमुनानगर के दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में 800 मेगावाट की आधुनिक थर्मल पावर यूनिट की आधारशिला रखी. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत करीब 8,470 करोड़ रुपये है और यह 233 एकड़ में विकसित की जा रही है.
इसी कार्यक्रम में यमुनानगर के मुकारबपुर में एक Compressed Biogas Plant की भी आधारशिला रखी गई. सरकार के अनुसार, इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 2,600 मीट्रिक टन होगी और इसका उद्देश्य जैविक कचरे के प्रबंधन के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है.
किसानों के लिए PM-KISAN और फसल बीमा
हरियाणा की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना में कृषि की केंद्रीय भूमिका है. इसलिए किसान-केंद्रित योजनाएं राज्य के विकास की चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जाती है. हरियाणा को लेकर अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया था कि राज्य के किसानों को इस योजना के माध्यम से लगभग 6,500 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके थे. उसी अवसर पर प्रधानमंत्री ने बताया कि PM फसल बीमा योजना के तहत हरियाणा में 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का उल्लेख किया गया था.
इसके बाद फरवरी 2026 में जींद के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा के किसानों को PM-KISAN के माध्यम से लगभग 8,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. यह अंतर अलग-अलग तारीखों पर उपलब्ध संचयी आंकड़ों को दर्शाता है.
हिसार एयरपोर्ट और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
हरियाणा के विकास में केवल सड़क और रेल ही नहीं, बल्कि हवाई कनेक्टिविटी को भी महत्व मिला है.
अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी और हिसार से अयोध्या की वाणिज्यिक उड़ान को हरी झंडी दिखाई. सरकारी जानकारी के अनुसार, नए टर्मिनल की परियोजना लागत 410 करोड़ रुपये से अधिक है.
क्षेत्रीय हवाई संपर्क का विस्तार व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही के लिए नई संभावनाएं पैदा कर सकता है.
विकास का मॉडल: बड़े प्रोजेक्ट के साथ योजनाओं का विस्तार
हरियाणा में केंद्र सरकार से जुड़े विकास कार्यों को केवल एक क्षेत्र तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता. स्वास्थ्य में AIIMS, शहरी परिवहन में मेट्रो, सड़क में बाइपास, ऊर्जा में थर्मल पावर यूनिट, विमानन में हिसार एयरपोर्ट और कृषि में PM-KISAN तथा फसल बीमा—ये अलग-अलग क्षेत्रों को कवर करते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं हरियाणा के संदर्भ में आधुनिक सड़क, रेलवे नेटवर्क और बड़े अस्पतालों को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा है.
हालांकि इन परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि निर्माण की प्रगति, समय पर पूरा होने, संचालन की गुणवत्ता और आम नागरिकों तक पहुंच से तय होगा.
17 सितंबर: जन्मदिन पर हरियाणा के युवाओं के लिए संदेश
हरियाणा देश के उन राज्यों में है जहां कृषि, सेना, उद्योग और खेल—चारों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा अपनी पहचान बना रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हरियाणा के विकास की चर्चा को केवल सरकारी परियोजनाओं तक सीमित रखने के बजाय इसे नागरिक जिम्मेदारी से भी जोड़ना जरूरी है.
शिक्षा, कौशल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सम्मान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी राज्य की विकास यात्रा को मजबूत कर सकती है.
क्योंकि किसी भी राज्य का विकास केवल सरकार की परियोजनाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से पूरा होता है.
“सशक्त हरियाणा, समृद्ध भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।”
लेखिका परिचय: निशा नैन UPSC Educator हैं और शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा समसामयिक विषयों पर लिखती हैं.
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