गुजरात के भावनगर में हत्या के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता का वीडियो सामने आने से हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि हत्या के आरोपी फैसल को क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए घटनास्थल पर लाया गया था. इसी दौरान पुलिस ने उसे चलती सड़क पर सबके सामने रस्सी से बांध दिया और कथित तौर पर लाठियों से बेरहमी से पीटा. आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने पांच मिनट से ज्यादा समय तक फैसल पर 100 से अधिक बार लाठी बरसाई.
लिव-इन पार्टनर की हत्या का है आरोप
फैसल पर अपनी लिव-इन पार्टनर काजलबेन की हत्या करने का आरोप है. पुलिस इसी मामले की जांच कर रही है. घटना को दोबारा समझने के लिए आरोपी को कथित तौर पर क्राइम स्पॉट पर ले जाया गया था. इसी दौरान हुई मारपीट का वीडियो रिकॉर्ड किया गया और बाद में यह सामने आया.
वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल
भले ही फैसल पर गंभीर आरोप हैं, कानून यह तय करता है कि पूछताछ के दौरान उसके साथ कैसा व्यवहार किया जाए. पुलिस हिरासत में किसी आरोपी के साथ इस तरह की कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. अपराध के आरोपी से पूछताछ और जांच के लिए कानून में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है. ऐसे में सार्वजनिक रूप से आरोपी की कथित पिटाई को लेकर जवाबदेही और जांच की मांग उठ सकती है.
अपराध के आरोपी के साथ कैसा सलूक?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि गंभीर अपराध के आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस किस हद तक बल प्रयोग कर सकती है. अपराध की जांच जरूरी है, लेकिन हिरासत में आरोपी के साथ व्यवहार को लेकर कानूनी और मानवीय मानकों का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है. भावनगर की इस कथित घटना ने पुलिस सुधार की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती है और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी जांच की मांग करती है कि ऐसी क्रूरता दोबारा न हो.
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