डकबैक इंडिया के कर्मी हुए आक्रोशित, बोले-पहले कर्मचारियों का बकाया भुगतान करें, फिर बंद करें कारखाना

डकबैक इंडिया रांची के कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा है. उन्होंने प्रबंधन से साफ कह दिया है कि पहले कर्मचारियों को बकाया भुगतान करें, फिर कंपनी बंद करें.

रांची में कार्यरत 31 कर्मचारियों का कोलकाता स्थानांतरण करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों काे ग्रेच्युटी नहीं देने और बिना कारण के कारखाना से मशीन को बाहर ले जाने के विरोध में डकबैक इंडिया के कर्मचारी काफी आक्रोशित हैं.

डकबैक इंडिया के कर्मचारी लगातार 3 दिन से कर रहे धरना-प्रदर्शन

कर्मचारी लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी धरना पर बैठे रहे. कर्मचारियों का यह धरना दिन-रात चल रहा है. उनका कहना है कि जब तक स्थानांतरण रद्द नहीं किया जाता है, तब तक उनका धरना जारी रहेगा. प्रबंधन को यदि कारखाना बंद भी करना है, तो सबसे पहले हम कर्मचारियों का पूरा बकाया भुगतान कर दे.

कर्मचारियों को परेशान कर रहा है डकबैक इंडिया प्रबंधन

कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लगभग एक माह बाद जिस कर्मचारी का रिटायरमेंट होने वाला है, उनका भी रांची से दूसरी जगह पर ट्रांसफर किया जा रहा है.

प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है. प्रबंधन को कर्मचारियों के साथ बैठ कर हल निकालना चाहिए. फैक्टरी में लंबे समय से काम कर रहे हैं.

उदय सिंह, आंदोलन कर रहे कर्मचारी

आखिर ऐसे समय में कहां जायेंगे. पहले छह लोगों को बिना कारण के निलंबित कर दिया गया. इसके बाद 31 लोगों का स्थानांतरण कर दिया गया है. हमलोगों को केवल परेशान किया जा रहा है.

पैट्रिक किंडो, आंदोलन कर रहे कर्मचारी

केवल कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है. सभी कर्मचारी एकजुट हैं. प्रबंधन सभी का स्थानांतरण रद्द करे. प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी.

अनिल तिर्की, आंदोलन कर रहे कर्मचारी

28 जून, 2024 को रिटायरमेंट की तिथि है, इसके बाद भी कोलकाता स्थानांतरित कर दिया गया है. जब तक हमारी मांगें मान नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

धर्मदेव यादव, आंदोलन कर रहे कर्मचारी

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By Mithilesh Jha

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