Liquor Scam: दिल्ली शराब नीति घोटाले में पहली गिरफ्तारी, CBI के हत्थे चढ़ा केजरीवाल का करीबी विजय नायर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए पार्टी प्रभारी दुर्गेश पाठक से भी पूछताछ की.

दिल्ली आबकारी नीति मामले में पहली गिरफ्तारी हो गयी है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में मनोरंजन एवं इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के पूर्व सीईओ विजय नायर को गिरफ्तार कर लिया है. नायर को अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी बताया जाता है.

क्या है मामला

दरअसल प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंद केजरीवाल सरकार की आबकारी नीति 2021-22 के सिलिसले में देशभर में 40 स्थानों पर छापे मारे थे. उसके बाद सीबीआई ने नीति में अनियमितता के आरोप में एक एफआईआर दर्ज की. जिसमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी आरोपी बनाया गया. दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी, जिसके बाद जुलाई में केजरीवाल सरकार ने इस नीति को वापस लिया.

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ईडी ने आप के एमसीडी चुनाव प्रभारी दुर्गेश पाठक से की पूछताछ की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए पार्टी प्रभारी दुर्गेश पाठक से भी पूछताछ की.

मनीष सिसोदिया के आवास की भी सीबीबाई ने की छापेमारी

सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में 19 अगस्त को अनियमितता के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास सहित 31 स्थानों पर छापेमारी की थी. सिसोदिया इस मामले के 13 आरोपियों में से एक हैं.

भाजपा का आम आदमी पार्टी पर बड़ा हमला

बीजेपी ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया और दावा किया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक करीबी को शराब का ठेका दिया गया. भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने करमजीत सिंह लांबा नाम के एक व्यक्ति की केजरीवाल और आप के विधायक सौरव भारद्वाज के साथ तस्वीरें दिखाईं. जिसके बाद आरोप लगाया कि लांबा शराब वितरण का ठेका हासिल करने वाली कंपनी यूनिवर्सल डिस्ट्रीब्यूटर्स में ना सिर्फ साझेदार थे, बल्कि उन्होंने आप के टिकट पर स्थानीय निकाय का चुनाव भी लड़ा गया था. बीजेपी ने आरोप लगाया कि लांबा को सारे नियमों की अनदेखी करके शराब को ठेका दिया गया.

क्या है केजरीवाल सरकार की बंद हुई आबकारी नीति

दरअसल दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने पिछले साल आबकारी नीति लागू की थी. जिसमें दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया था और शराब के लिए 849 लाइसेंस आवंटित किया गया था. इस नीति के आने से दिल्ली में 100 फीसदी शराब दुकानें नीति हाथों में चली गयी. जो पहले 60 फीसदी सरकार और 40 फीसदी प्राइवेट दुकानें हुआ करती थीं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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