Corona Case In Delhi राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने शुक्रवार शाम आपात बैठक बुलाई है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बैठक मुख्यमंत्री आवास पर कल शाम 4 बजे होगी. जिसमें दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे.
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार कोरोना के मामले में इजाफा हो रहा है. इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार शाम 4 बजे आपात बैठक बुलाई है. इस बैठक में दिल्ली में बढ़ते कोरोना केस की रोकथाम के लिए एक्शन प्लान, वैक्सीनेशन की मौजूदा स्थिति, कंटेनमेंट जोन, अस्पतालों के बेड़ प्रबंधन और सिरो सर्वे के साथ वर्तमान में कोरोना केस की मैपिंग आदि की सीएम अरविंद केजरीवाल समीक्षा करेंगे. संबंधित विभागीय अधिकारियों को कोरोना से निपटने के लिए विस्तृत प्लान के साथ बैठक में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है.
दिल्ली के बड़े अस्पतालों में बढ़ाए गए बेडइससे पहले सीएम अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर पिछले कुछ दिनों में स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद दिल्ली के 33 बड़े अस्पतालों में 25-25 फीसद आईसीयू और समान्य बेड बढ़ा दिए गए हैं. इन 33 अस्पतालों में 30 मार्च तक कोविड के 1705 समान्य बेड थे, जो अब बढ़कर 2547 हो गए हैं. इस तरह 842 कोविड के समान्य बेड बढ़ा दिए गए हैं. कोविड मरीजों के लिए 30 मार्च तक 608 आईसीयू बेड थे, जिसमें 230 बेड की वृद्धि की गई है और अब दिल्ली में कोविड के लिए 838 आईसीयू बेड हो गए हैं.
सीएम के निर्देश पर सर्विलांस टीमें हुई सक्रियसाथ ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर जिला स्तर पर सर्विलांस टीमें नजर बनाए हुई हैं. कोरोना से संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है. संक्रमितों के संपर्क में आए कम से कम 30 लोगों को ट्रेस किया जा रहा है और जांच कर उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है, ताकि उनके जरिए दूसरें लोगों में कोरोना के संक्रमण को रोका जा सके.
दिल्ली के स्कूलों में नया सत्र शुरू, लेकिन कक्षाएं अब भी खालीदिल्ली के स्कूलों में बृहस्पतिवार को औपचारिक रूप से नए सत्र की शुरुआत हुई, लेकिन हाल में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से छात्र घर में ही रहे, जिससे परिसरों में न तो चहलकदमी दिखी और न ही नयी किताबों की खुशबू. पिछले साल कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन से महज कुछ दिन पहले स्कूलों को बंद किया गया था. पिछले साल अप्रैल में नए सत्र की पढ़ाई ऑनलाइन शुरू हुई थी और इस साल अप्रैल में भी वैसी ही स्थिति है. सभी सरकारी स्कूलों एवं कुछ निजी स्कूलों में औपचारिक रूप से बृहस्पतिवार को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई जबकि कुछ निजी स्कूलों की योजना पांच अप्रैल यानी सोमवार से कक्षाएं शुरू करने की है.
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