Nepal Flood: छत्तीसगढ़ के पांच दोस्तों के लिए नेपाल में चाय पीने के लिए लिया गया एक छोटा सा ब्रेक जिंदगी बचाने वाला फैसला साबित हुआ. 26 अगस्त को वे नेपाल घूम रहे थे, तभी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में अचानक भीषण बाढ़ आ गयी. कुछ ही देर में पानी का तेज बहाव सब कुछ अपने साथ बहाने लगा और उनकी जान खतरे में पड़ गयी.
रायपुर के माना कैंप इलाके में रहने वाले 50 से 60 साल की उम्र के पांचों दोस्त छुट्टियां मनाने नेपाल गये थे. हादसे के वक्त वे काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर से करीब 50 किलोमीटर दूर थे. इसी दौरान अचानक आयी भीषण बाढ़ ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी. पांचों दोस्त भी इस आपदा के बीच फंस गये.
21 अगस्त को रायपुर से नेपाल के लिए निकले थे सभी दोस्त
पांचों दोस्त 21 अगस्त को रायपुर से नेपाल के लिए निकले थे और अगले दिन वहां पहुंच गये. उन्होंने एक कार किराये पर ली थी और पशुपतिनाथ मंदिर, मनकामना मंदिर समेत कई पर्यटन स्थलों पर घूमने का प्लान बनाया था. लेकिन बुधवार की सुबह अचानक आयी भीषण बाढ़ ने उनकी खुशियों भरी यात्रा को डरावने अनुभव में बदल दिया.
क्या बताया एक दोस्त ने?
26 अगस्त की सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच पांचों दोस्त धादिंग जिले के मालेखू कस्बे के एक होटल में चाय पीने के लिए रुके. उस समय उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ देर का यह छोटा सा ब्रेक उनकी जिंदगी बचाने वाला फैसला साबित होगा. 53 साल के नारायण सेन, जो सैलून चलाते हैं, ने बताया कि होटल में उन्हें जानकारी मिली कि आगे मौजूद एक पुल बाढ़ के तेज पानी में बह गया है. यह सुनकर पांचों दोस्तों को समझ आया कि चाय पीने के लिए होटल में रुकने का फैसला उनकी जिंदगी बचाने वाला साबित हुआ. अगर वे बिना रुके आगे बढ़ते, तो वे भी हादसे की चपेट में आ सकते थे.
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