हाजीपुर : नगर थाने की पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के बाजार समिति के समीप पकड़े गये गांजे की खेप दिल्ली भेजी जानी थी. धंधेबाजों की मंशा पर उस समय पानी फिर गया, जब अचानक नगर पुलिस वहां पहुंच गयी. जिस समय पुलिस पहुंची थी, उस समय धंधेबाज बोलेरो के आसपास ही थे. पुलिस के पहुंचने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
हाजीपुर : नगर थाने की पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के बाजार समिति के समीप पकड़े गये गांजे की खेप दिल्ली भेजी जानी थी. धंधेबाजों की मंशा पर उस समय पानी फिर गया, जब अचानक नगर पुलिस वहां पहुंच गयी. जिस समय पुलिस पहुंची थी, उस समय धंधेबाज बोलेरो के आसपास ही थे. पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही धंधेबाज वहां से खिसक गये. सूत्रों की मानें तो जिस समय पुलिस बोलेरो की तलाशी ले रही थी, धंधेबाज का एक विश्वासी व्यक्ति मौजूद था और
जैसे ही बोलेरो से पुलिस ने गांजे के छह पैकेटों में छिपा कर रखे गये एक क्विंटल गांजा जब्त किया, इसकी सूचना धंधेबाज को मिल गयी. इसके बाद पगडंडी रास्ते से धंधेबाज वहां से निकल गये. सूत्रों की मानें, तो धंधेबाजों ने गांजे की खेप को दिल्ली भेजने की पूरी तैयारी कर ली थी. चालक के पहुंचते ही बोलेरो दिल्ली के लिए कूच करने वाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस के पहुंचने के कारण धंधेबाजों की सभी योजना ध्वस्त हो गयी.
बोलेरो के मालिक की पहचान में जुटी पुलिस : बाजार समिति के समीप बीते रविवार की देर गांजा लदे बोलेरो के मालिक की पहचान के लिए पुलिस सोमवार को परिवहन कार्यालय में घंटों छानबीन की. नगर पुलिस के अनुसार उजले रंग की जब्त बीआर 4 डी/4676 नंबर की बेलोरो का असली मालिक कौन है, इसे खंगाला जा रहा है. पुलिस का दावा है कि बोलेरो के मालिक की शिनाख्त होते ही धंधेबाजों को चिह्नित कर लिया जायेगा. हालांकि प्रारंभिक जांच में मिले सुराग के अाधार पर पुलिस गांजा के धंधे से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
राघोपुर दियारा क्षेत्र से लायी गयी थी गांजे की खेप : दिल्ली भेजे जाने के लिए नगर थाना क्षेत्र के बाजार समिति के पास लायी गयी गांजे की खेप राघोपुर दियारा क्षेत्र से लायी गयी थी. जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला है, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि धंधेबाजों के तार दियारा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं. बरामद गांजा उत्तम क्वालिटी का है. जिसकी कीमत लगभग बारह लाख बतायी गयी है. गांजे को प्लास्टिक के टेप से इस प्रकार बाइंड किया गया था कि उससे गांजे की गंध बाहर नहीं निकल रही थी.
प्रथमदृष्टया आम लोग को यह बंडल कुरियर का सामान समझ में आता.
कई बिंदुओं पर हो रही जांच : गांजे के धंधेबाजों और बोलेरो के मालिक की पहचान के लिए पुलिस प्रयासरत है. छह पैकेट में बरामद एक क्विंटल गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में बारह लाख रुपये होगी. धंधेबाज गांजे की खेप को दिल्ली भेजने के फिराक में थे. पुलिस कई बिंदुओं पर जांच-पड़ताल कर रही है.