50 साल पुराने जर्जर पाइप से हो रही पानी की आपूर्ति

प्रदूषित पानी पीकर लोग बुझा रहे प्यास हाजीपुर : शहर के लाखों लोग प्रदूषित पानी पीकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं. शहर से गांव तक लोगों को जहां जरूरत भर पानी नहीं मिल रहा, वहां शुद्ध और स्वच्छ जल की बात ही बेमानी साबित हो रही है. शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के […]

प्रदूषित पानी पीकर लोग बुझा रहे प्यास
हाजीपुर : शहर के लाखों लोग प्रदूषित पानी पीकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं. शहर से गांव तक लोगों को जहां जरूरत भर पानी नहीं मिल रहा, वहां शुद्ध और स्वच्छ जल की बात ही बेमानी साबित हो रही है. शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को प्रदूषित पानी पीने को बाध्य होना पड़ रहा है. यह जानते हुए कि दूषित जल से ही कई बीमारियां पैदा होती हैं, मजबूरन लोगों को यह पीना पड़ रहा है. हाजीपुर शहर से लेकर जिले के ग्रामीण इलाकों तक जल के स्रोत प्रदूषणयुक्त हो चुके हैं. इसके सेवन से लोग अनेक तरह की बीमारियों के शिकार भी हो रहे है.
नलों से निकल रही नाले की गंदगी : हाजीपुर शहर की हालत देखें, तो जलापूर्ति के लिए बिछी पाइप लाइन अधिकतर जगहों पर फूट-फूट कर क्षतिग्रस्त हो चुकी है. सड़क के नीचे से और सड़क किनारे नाले से गुजरनेवाली पाइप जहां-तहां फूटी हुई है. इसके चलते तमाम तरह की गंदगी पेयजल में मिल कर नलों से निकल रही है.
नलकों पर सप्लाई का पानी भरने के दौरान लोगों के बर्तन में अक्सर कभी कीड़े तो कचरे निकलते रहते हैं. साधन संपन्न लोगों ने तो अपने घर में आरओ का फिल्टर मशीन आदि लगाकर शुद्ध पानी का प्रबंध कर रखा है, लेकिन साधारण लोगों के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण इनके सामने नाले से गुजरते जर्जर पाइप का दूषित पानी पीने के सिवा दूसरा कोई चारा नहीं.
आर्सेनिक युक्त पानी से बढ़ रही बीमारी : जिले में बड़ी संख्या में लोग आर्सेनिकयुक्त पानी पीने को विवश हैं. इसके चलते लोग बीमारी भी मोल ले रहे हैं. डॉ सतीश कुमार का कहना है कि आर्सेनिकयुक्त पानी का उपयोग करने से त्वचा, फेफड़े आदि का कैंसर होने का खतरा रहता है. चिकित्सक के अनुसार अंगुलियों एवं अंगूठे का सड़ जाना, हथेली एवं तलवे की चमड़ी का मोटा होना और उस पर गांठ पड़ना, कमजोरी एवं सांस लेने में परेशानी महसूस करना, शरीर की त्वचा पर सफेद-काले धब्बे निकलना आदि आर्सेनिकोसिस रोग के लक्षण होते हैं.
अशुद्ध पानी से होती हैं कई बीमारियां
अशुद्ध पानी जनित बीमारी का शिकार होनेवाले मरीजों में खून की कमी, बार-बार पेशाब आना, अधिक प्यास लगना, मांसपेशियों का कमजोर होना, दांतो पर पीले-भूरे धब्बे पड़ना, गर्दन एवं कंधे के जोड़ों में दर्द होना, घुटने में दर्द एवं बिना घुटना मोड़े हाथों से पैर का अंगुठा छूने में कष्ट की शिकायत पायी जाती है. भूख कम लगना, जी मिचलाना, पेट में दर्द और गैस बनना, कब्जियत एवं दस्त होना भी फ्लोरोसिस के लक्षण हैं.
डॉ अरविंद कुमार, चिकित्सक सदर अस्पताल
साल के अंत तक सुधरेगी स्थिति
जिले में आर्सेनिकयुक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना का काम प्रगति पर है. इस साल के अंत तक इसके पूरी होने की उम्मीद है. शहरी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पाइपों को बदलने का काम अब नगर पर्षद के माध्यम से ही होगा, क्योंकि नगर में जलापूर्ति की व्यवस्था अब
पर्षद के जिम्मे है. जहां तक ग्रामीण इलाकों में जलापूर्ति पाइप लाइन के फूटे या जर्जर होने का सवाल है, तो जहां से भी ऐसी सूचना या शिकायत प्राप्त होगी, वहां इन्हें दुरुस्त किया जायेगा.
एसपी यादव, कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी

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