हाजीपुर : लगभग एक दशक पूर्व हुए संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना खाद्यान्न घोटाले की न्यायिक जांच शुरू हो गयी है. पटना उच्च न्यायालय द्वारा समादेश याचिका संख्या-5638/2011 में पारित न्यायादेश के आलोक में न्यायमूर्ति उदय सिन्हा न्यायिक जांच आयोग ने यह जांच प्रारंभ की है. विदित हो कि, वर्ष 2002 में शुरू हुई इस योजना के अंतर्गत जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों को खाद्यान्न आवंटित किया गया था.
आवंटित खाद्यान्न काम करने वाले मजदूरों को वितरित करना था. योजना की समाप्ति के बाद इस योजना में घोटाले की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच आयोग ने कई दुकानदारों को दोषी मानते हुए उनसे राशि की वसूली के लिये कार्रवाई की अनुशंसा की थी. जिला प्रशासन ने अनुशंसा के आलोक में दुकानदारों के विरुद्ध नीलामवाद दाखिल कराया और भादवि की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
जिला प्रशासन के इस आदेश के विरुद्ध कई दुकानदारों ने पटना उच्च न्यायालय की शरण ली थी. पटना उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया था.
