हाजीपुर(वैशाली) : किसानों को मिलनेवाले कृषि अनुदान की राशि का गबन कर बंदरबांट करने के आरोप में जिला कृषि पदाधिकारी समेत अन्य के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. तिरहुत प्रमंडल के संयुक्त निदेशक शष्य सुनील कुमार पंकज के लिखित बयान के आधार पर सदर पुलिस ने जिला कृषि पदाधिकारी समेत अन्य के विरुद्ध […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
हाजीपुर(वैशाली) : किसानों को मिलनेवाले कृषि अनुदान की राशि का गबन कर बंदरबांट करने के आरोप में जिला कृषि पदाधिकारी समेत अन्य के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. तिरहुत प्रमंडल के संयुक्त निदेशक शष्य सुनील कुमार पंकज के लिखित बयान के आधार पर सदर पुलिस ने जिला कृषि पदाधिकारी समेत अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज किया है.
कृषि यांत्रिकीकरण योजना वर्ष 2015-16 में अनियमितता की जन शिकायत पर कृषि निदेशक, पटना द्वारा गठित जांच दल द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के आलोक में यह मामला दर्ज कराया गया है. प्रतिवेदन के अनुसार, जिला कृषि पदाधिकारी कामता प्रसाद ने महुआ प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामदास राम और गोरौल प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजीत कुमार शर्मा समेत अन्य कर्मियों की सहायता से डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि का गबन कर बंदरबांट किया है.
इस मामले में गोरौल प्रखंड के बकसामा एवं पिरोई शमसुद्दीन पंचायत के कृषि समन्वयक दिलीप कुमार, कन्हौली विशनपरशी के कृषि समन्वयक अनिल कुमार, महुआ के शेरपुर माणिकपुर के समन्वयक प्रशांत कुमार मिश्र, शेरपुर छतवारा एवं समसपुरा के समन्वयक अमरेंद्र कुमार सिंह, बकसामा पंचायत के किसान सलाहकार राज कुमार शरण, कन्हौली विशनपरशी के सलाहकार राज नारायण गुप्ता, पिरोई समसुद्दीन के सलाहकार मो मोहिउद्दीन अंसारी, शेरपुर माणिकपुर के सलाहकार उमेश पासवान, फुलवरिया के सलाहकार ब्रज किशोर, शेरपुर छतवारा के सलाहकार नचल किशोर राय, समसपुरा के सलाहकार शशि भूषण कुमार समेत चार यंत्र विक्रेता किसान सेवा केंद्र के संचालक विनय कुमार, विश्वकर्मा मशीनरी सेंटर के मदन मोहन शर्मा, जनता पाइप के मनोज कुमार, कृष्णा कृषि केंद्र के शत्रुघ्न पासवान को आरोपित किया गया है.