हाजीपुर : दहेज में मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर विवाहिता की हत्या कर शव को गायब कर देने के आरोप में सात लोगों को सश्रम कारावास की सजा सुनायी गयी. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएन मिश्रा ने सत्र वाद संख्या-367/11 की सुनवाई के बाद यह सजा सुनायी. इस मामले में सभी सात अभियुक्तों को एक-एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खान ने न्यायालय में पैरवी की.
सात अभियुक्तों को 10 साल सश्रम कारावास की सजा
हाजीपुर : दहेज में मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर विवाहिता की हत्या कर शव को गायब कर देने के आरोप में सात लोगों को सश्रम कारावास की सजा सुनायी गयी. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएन मिश्रा ने सत्र वाद संख्या-367/11 की सुनवाई के बाद यह सजा सुनायी. इस मामले में सभी सात अभियुक्तों को एक-एक […]

क्या है मामला : समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के हेतनपुर धमौन गांव निवासी शत्रुघ्न राय की बहन मानती देवी की शादी 20 अप्रैल, 2005 को राजापाकर थाना क्षेत्र के बखरी बड़ाई गांव निवासी अवधेश राय के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही विवाहिता को दहेज में मोटरसाइकिल एवं पलंग दिये जाने की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा.
इस बात को लेकर विवाहिता के मायकेवालों ने कई बार पंचायती भी करायी, लेकिन वेलोग नहीं माने और प्रताड़ित करते रहे. 20 जुलाई, 2010 को शत्रुघ्न राय को सूचना मिली कि उसकी बहन की हत्या कर ससुरालवालों ने उसके शव को छुपा दिया है. जानकारी मिलने के बाद जब वे आये तो देखा कि सब लोग घर छोड़कर फरार हैं.
पति समेत नौ अभियुक्त थे : मृतका मानती देवी के भाई शत्रुघ्न राय के बयान पर राजापाकर पुलिस ने पति अवधेश राय समेत नौ के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी. अभियुक्तों में सास सुनैना देवी, राम दुलारी देवी, बसंत राय, प्रवेश राय, महेश राय, संतलाल राय, दिनेश राय एवं ललित राय शामिल थे. अनुसंधान के बाद पुलिस ने सभी नौ के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया.
साक्ष्य के अभाव में दो हुए रिहा : सत्र वाद संख्या 367/11 के तहत मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बसंत राय एवं ललित राय को रिहा कर दिया, जबकि अन्य सातों को दोषी पाते हुए शनिवार को सजा की बिंदु पर सुनवाई की. दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने पति अवधेश राय के अलावे सुनैना देवी, राम दुलारी देवी, दिनेश राय, संतलाल राय, महेश राय एवं प्रवेश राय को भादवि की धारा 304 बी के अपराध के लिये 10 साल सश्रम कारावास एवं धारा 201 के अपराध के लिये एक साल सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी.