वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने दुकानों को किया सील
हाजीपुर : मंगलवार की दोपहर राज्य सरकार द्वारा पूर्ण शराबबंदी की घोषणा के साथ जिला मुख्यालय में संचालित शराब दुकानों में ताले लटक गये. शराबबंदी को लेकर जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और सक्रियता तब दिखी, जब सरकार के निर्णय के कुछ घंटे बाद जिला मुख्यालय में संचालित आधा दर्जन सरकारी शराब की दुकानों में ताले लटक गये. निर्णय की जानकारी मिलते ही वरीय पदाधिकारियों के आदेश पर पुलिस पदाधिकारियों ने अपनी देखरेख में दुकान को सील कर दिया और बिक्री पर रोक लगा दी.
लगी रही पीनेवालों की भीड़ : सरकार की घोषणा के बाद शहर की विभिन्न सरकारी शराब की दुकानों पर पीनेवालों की भीड़ लग गयी. हर कोई कम-से-कम मंगलवार तक के लिए अपनी खुराक ले लेने के लिए व्यग्र था, लेकिन प्रशासनिक सक्रियता के सामने उनकी एक न चली और प्रशासनिक पदाधिकारियों ने सभी दुकानों को सील करा दिया. इस दौरान सभी दुकानों पर भीड़ लगी रही.
चारों ओर बस एक ही चर्चा : मंगलवार की दोपहर के बाद शहर में चारों ओर बस एक ही चर्चा थी. सरकार के इस निर्णय पर कुछ लोग आश्चर्य प्रकट कर रहे थे. वहीं नियमित रूप से पीनेवाले शोक मना रहे थे. इस निर्णय से कोई खुश था, तो कोई दुखी. लेकिन, असर सबों पर था.
समदर्शी निर्णय : पहले केवल देशी शराब और उसके बाद ताड़ी पर रोक लगाने से सरकार से नाराज चल रहे लोगों ने सरकार के इस निर्णय को समदर्शी बताते हुए हर्ष प्रकट किया और कहा कि पहले सरकार का निर्णय पक्षपातपूर्ण दिखता था.
विपक्ष बेनकाब : केवल देशी शराब पर रोक लगाने के निर्णय के बाद कुछ लोग सरकार पर आरोप लगा रहे थे कि शराब माफिया के दवाब में यह निर्णय लिया गया है ताकि गरीब लोग भी महंगी विदेशी शराब पीने लगे. ऐसा आरोप लगानेवाले लोग मंगलवार को बेनकाब हो गये, जब सरकार ने पूर्ण शराबबंदी की घोषणा कर दी. यह कहना था सरकार के पूर्ण शराबबंदी के निर्णय से खुशी जाहिर करनेवाले लोगों का.
