हाजीपुर : सरकार की नयी शराब नीति के तहत जिले में विदेशी शराब के कोटे में भारी कटौती की गयी है. दुकानों की संख्या घटाने और शराब का कोटा कम करने को अगले वर्ष से विदेशी शराब पर प्रतिबंध की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. जिले में विदेशी शराब का कोटा एक […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
हाजीपुर : सरकार की नयी शराब नीति के तहत जिले में विदेशी शराब के कोटे में भारी कटौती की गयी है. दुकानों की संख्या घटाने और शराब का कोटा कम करने को अगले वर्ष से विदेशी शराब पर प्रतिबंध की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. जिले में विदेशी शराब का कोटा एक लाख 57 हजार 630 एलपीए तथा बीयर का कोटा 4 लाख 1722 बल्क लीटर निर्धारित किया गया है. जिले में बीते साल के मार्च महीने से इस साल के जनवरी तक 40 लाख 34 हजार 9 सौ 97 लीटर शराब और 15 लाख 93 हजार 49 लीटर बीयर लोग गटक चुके थे.
शराब का सालाना कोटा 44 लाख 30 हजार 4 सौ और बीयर का कोटा 22 लाख 8 सौ था. बीती रात 10 बजते ही इस कोटे की शेष बच गयी शराब और बीयर को जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो गयी. देशी शराब को नष्ट किया गया, जबकि पायी गयी विदेशी शराब की निर्धारित कीमत बीएसवीसीएल द्वारा चुकाई जानी है.
नशामुक्त समाज के लिए करोड़ों के राजस्व का नुकसान सहेगी सरकार : हाजीपुर. जिले में शराब बिक्री से सरकार के खजाने तक पहुंचनेवाले राजस्व में कमी आयेगी, लेकिन शराबंदी से होने वाले लाभ के सामने यह राजस्व की हानि कुछ भी नहीं. कुछ इसी सोच के साथ नागरिक समाज भी शराबबंदी की सफलता को लेकर जागरूक दिखा. कई जगहों पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर नशामुक्ति के संकल्प लिये गये. जिले में फिलहाल अंगरेजी शराब अैर बीयर की बिक्री से सरकार को हर महीने तकरीबन तीन करोड़ रुपये रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा था. नयी व्यवस्था के तहत सरकार हर महीने बिहार स्टेट वेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड से लगभग पौने तीन करोड़ का राजस्व वसूलेगी. सरकार को हर साल जिले से लगभग तीन करोड़ के राजस्व की क्षति होगी.
गांधी चौक के अतिक्रमण पर चला पुलिस का डंडा : हाजीपुर. नगर थाने के गांधी चौक पर पिछले कई महीने से लग रहे अतिक्रमण को देखते हुऐ एसपी राकेश कुमार के निर्देश पर नगर थाने की पुलिस द्वारा गांधी चौक पर लग रहे ठेले पर सब्जी मंडी एवं रोड पर खड़े ऑटो चालक पर पुलिस की लाठी चलती दिखी. गांधी चौक पर अतिक्रमण के कारण आम लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही थी, वहीं कई बार जिलाधिकारी एवं एसपी की गाड़ी को भी अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम का समाना करना पड़ता था़ हालांकि इससे पहले भी एसपी के आदेश पर गांधी चौक से अतिक्रमण को हटाया गया था़