परेशानी. पशु-पक्षियों को पीने के पानी की किल्लत

सूख गये नहर-तालाब पशु-पक्षी पानी के लिए दर-दर भटक रहे व नहर-तालाबों में बच्चे खेल रहे हैं क्रिकेट महनार : प्रखंड में पशु-पक्षी पानी के लिए दर-दर भटक रहा है. नहर और तालाबों में बच्चे खेल रहे हैं क्रिकेट. अजीब विडंबना है, जहां एक ओर पानी का जलस्तर नीचे जाने से चापाकल, कुआं और तालाब […]

सूख गये नहर-तालाब

पशु-पक्षी पानी के लिए दर-दर भटक रहे व नहर-तालाबों में बच्चे खेल रहे हैं क्रिकेट
महनार : प्रखंड में पशु-पक्षी पानी के लिए दर-दर भटक रहा है. नहर और तालाबों में बच्चे खेल रहे हैं क्रिकेट. अजीब विडंबना है, जहां एक ओर पानी का जलस्तर नीचे जाने से चापाकल, कुआं और तालाब सूख रहे हैं. नहर-तालाबों में पानी नहीं है, ऐसे में किसी ने सोचा है लावारिस पशु, जानवर पानी कहां से पीते होंगे. पेड़ो की अभाव में लावारिस पशुओं को सिर छिपाने की जगह नहीं मिल रहा है और ऊपर से पानी भी गायब है. पालतू पशुओं और जानवरों को तो किसी तरह पानी मिल जाता है, किंतु लावारिस पशु-जानवर प्रकृति की मार से बिना मारे ही मर जायेंगे.
गौरतलब है कि प्रखंड क्षेत्र में जगह-जगह स्टेट बोरिंग हैं. बिजली भी पर्याप्त मात्रा में है, जबकि उससे भी पानी नहीं निकल रहा है. इस संबंध में स्थानीय लोगों में नन्हक सिंह, दिलीप कुमार सिंह, नवल किशोर सिंह, उमेश सिंह संत, आशुतोष सिंह, अवधेश सिंह, इंद्र मोहन सिंह, रामयश सिंह समेत दर्जनों लोगों ने जिला प्रशासन से पानी की उत्पन्न समस्या पर ध्यान देने का आग्रह किया है तथा लावारिस पशुओं के लिए स्टेट बोरिंग चालू कर पानी उपलब्ध कराने की गुहार लगायी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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