बिहार के बिना देश का विकास नहीं
पीएम नरेंद्र मोदी विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार शनिवार को बिहार आये. पटना में जहां हाइकोर्ट के शताब्दी वर्ष समापन समारोह को संबोधित किया, वहीं हाजीपुर में दो पुलों का उद्घाटन व एक पुल का शिलान्यास किया.
हाजीपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि बिहार के बिना देश का विकास नहीं हो सकता है. बिहार का विकास उनकी प्राथमिकता में ऊपर है. बिहार के विकास के लिए केंद्र व राज्य सरकार मिलकर काम करेगी. प्रधाममंत्री ने जहां यूपीए सरकार पर तंज कसा वहीं बिजली के क्षेत्र में बेहतर काम के लिए नीतीश सरकार की पीठ भी थपथपायी .
पीएम ने कहा कि पिछली सरकार ने पांच साल में बिहार में जितना खर्च किया उससे ढाई गुणा अधिक खर्च 18 महीने में मेरी सरकार ने किया है.. इसके पहले प्रधानमंत्री ने दीधा और मुंगेर रेल पुल का रिमोट के जरिये उद्घाटन तथा मोकामा में
िबहार के िबना देश…
बनने वाले रेल पुल की आधारशिला रखी . प्रधानमंत्री ने पाटलिपुत्र- लखनऊ ट्रेन को हरी झंडी भी दिखायी. पीएम ने कहा कि मोकामा का नया पुल तय समय में बनकर पूरा होगा. लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी संबोधित किया. इसके पहले रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया. धन्यवाद ज्ञापन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने किया.
यूपीए ने बिहार के विकास में नहीं दिया ध्यान
हाजीपुर के छौकिया में आयोजित कार्यक्रम में करीब 24 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने पूर्व की मनमोहन सिंह सरकार पर तंज कसा और कहा कि बिहार के विकास में पूरा ध्यान नहीं दिया गया. मोदी ने कहा कि जिस तरह यहां के लोग उत्साहित हैं उसे देख सहज ही अंदाजा लगा सकता हूं कि दोनों पुल कैसे बिहार को लोगों और उनके आर्थिक जीवन में वदलाव लायेगा. मां गंगा उत्तरी और दक्षिणी बिहार को जोड़ती है पर नागरिकों को जोड़ने के लिए व्यवस्था चाहिए.
उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए जब नीतीश कुमार रेल मंत्री और अटल जी प्रधानमंत्री थे तब का यह सपना पूरा हुआ है. अगर 10 साल में इन योजनाओं की उपेक्षा न की गयी होती ये सभी काम पांच- सात साल पहले पूरा हो गया होता. दीघा पुल का 600 करोड़ का प्रोजेक्ट था जो देरी की वजह से 3000 करोड़ का हो गया. पैसा जनता का है. 18 माह में सबसे अधिक काम हुआ. पुल का 34 फीसदी काम अधूरा था .
नौजवानों के लिए बड़ा अवसर
प्रधानमंत्री ने रेल बजट की चर्चा की तथा उससे बिहार को होनेवाल लाभ के बारे में विस्तार से बताया. राज्य में दो नया रेल कारखाना मूर्त रूप ले चुका है अभी तक यह कागज और भाषण में ही था, 40 हजार करोड़ का विदेशी निवेश होगा. इसका सबसे अधिक लाभ बिहार और यहां के नौजवानों को होगा. यहां के लोग काम के लिए राज्य के बाहर आते -जाते रहते हैं. अब लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों में दो से चार दीनदयाल डब्बे लगेंगे,
इसका सबसे अधिक लाभ बिहार को होगा. देश एक नया मध्यम वर्ग पैदा हो रहा उनका ख्याल रखते हुए हमसफर ट्रेन शुरू हो रही है. रेलमंत्री की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे रेलवे का कायाकल्प कर रहे हैं जल्द इसका परिणाम मिलेगा.
पूर्वी भारत का विकास जरूरी
मोदी ने कहा कि भारत का विकास करना हो तो पूर्वी भारत का विकास करना होगा. इसके लिए शाटकर्ट रास्ता नहीं अपनाना होगा. 25-30 साल को ध्यान में रखकर योजना बनानी होगी. समस्याओं के समाधान के साथ-साथ दीर्घकालीन योजना भी बनानी होगी. विकास के लिए रेल और रोड का बड़ा महत्व है.
गैस पाइप लाइन बिहार के लिए अहम
बिहार होकर गुजरने वाली गैस पाइप लाइन की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मे कहा कि यह बिहार के लिए काफी अहम है. इससे लोगों के जीवन में बदलाव आयेगा. तीन साल में पांच करोड़ बीपीएल परिवार को सरकार गैस कनेक्शन देगी. धुंआ वाले चूल्हे से महिलाओं के मुक्ति मिलेगी. खाना बनाने में माताएं जितना धुंआ सेवन करती हैं वह रोजाना 400 सिगरेट पीने के बराबर है.
यूपीए की सरकार ने बिहार के विकास पर नहीं दिया उिचत ध्यान
हाजीपुर में शनिवार को पाटलिपुत्र-लखनऊ ट्रेन को हरी झंडी िदखाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. साथ में है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व अन्य केंद्रीय मंत्री.
पटना में प्रधानमंत्री
पटना हाइकोर्ट के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह को किया संबोधित, कहा
हर वर्ष कोर्ट को अपना बुलेटिन निकालना चाहिए
सभी तरह के कोर्ट में नवीन तकनीकों का ज्यादा-से-ज्यादा उपयोग करना चाहिए
व्यवस्था लोकतंत्र के प्रति उत्तरदायी होनी चाहिए
अभी समाज को जोड़ने वाले नये आंदोलन की जरूरत देश को है
वकील आंदोलन के माध्यम से ला सकते हैं बड़ा परिवर्तन
देश को बहुत कुछ दे सकता है पटना हाइकोर्ट
हाजीपुर में पीएम
दीधा और मुंगेर रेल पुल का रिमोट से किया उद्घाटन
मोकामा में बनने वाले रेल पुल की आधारशिला रखी
पाटलिपुत्र- लखनऊ ट्रेन को हरी झंडी भी दिखायी
केंद्र समय पर जारी करे राशि : नीतीश
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र ज्यूडिशयरी की भूमिका बेहद अहम है. मजबूत न्याय व्यवस्था के बिना लोकतंत्र ठीक और मजबूत नहीं रह सकता है. सबकी पहुंच न्याय तक होनी चाहिए. बढ़ती आबादी से मुकदमों की संख्या भी काफी बढ़ी है. ऐसे में न्यायालय का विस्तार बेहद जरूरी है. राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों में Âबाकी पेज 17 पर
केंद्र समय पर जारी…
इसके विस्तार करने के लिए हर तरह से प्रतिबद्ध है. केंद्र को भी इसे लेकर गंभीरतापूर्वक विचार करने की जरूरत है. केंद्र से उचित सहयोग मिलते रहनी चाहिए. किसी योजना की राशि समय पर मिल जाया करे, तो यह बड़ी सहायता साबित होगी. उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग से राज्य का हिस्सा बढ़ा है. इससे राज्य और केंद्र दोनों की जिम्मेवारी भी बढ़ी है. इस पर खासतौर से ध्यान देने की जरूरत है. राज्य अपने सीमित संसाधनों के बाद भी तमाम जरूरतों को पूरा करती है.
