हाजीपुर : गणतंत्र दिवस के बाद शहर पूरी तरह पॉलीथिन मुक्त हो जायेगा. पॉलीथिन का उपयोग और व्यवसाय को दंडनीय बना दिया गया है. पॉलीथिन के उपयोग से शहर को न केवल नाला जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है, बल्कि पर्यावरण को हानि पहुंचती है और किसी मवेशी द्वारा खा लेने की स्थिति में उसकी मौत तक हो जाती है. जिला पदाधिकारी रचना पाटील के कार्यालय प्रकोष्ठ में संपन्न एक बैठक में इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए योजना बनायी गयी.
26 जनवरी से नहीं मिलेगा पाॅलीथिन: जिला पदाधिकारी ने आदेश दिया कि 26 जनवरी के बाद पॉलीथिन के क्रय -विक्रय पर रोक लगेगी और जन जागरूकता चला कर लोगों को इसके दुष्परिणामों के बारे में बताया जायेगा. जिला जन संपर्क पदाधिकारी को होर्डिंग और फ्लैक्स के माध्यम से इसका प्रचार करने का आदेश दिया गया है.
10 फरवरी के बाद होगा जुर्माना: 26 जनवरी से प्रतिबंध शुरू होने के बाद 15 दिनों तक इसके उपयोग के बारे में लोगों को जागरूक कर मना किया जायेगा और उसके बाद 10 फरवरी से इसके उपयोग और क्रय-विक्रय पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया. यह जुर्माना 100 से लेकर 1000 रुपये तक हो सकता है.
छापेमारी दल गठित : पॉलीथिन के उपयोग पर कारगर रोक के लिए अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया, जो छापेमारी कर पॉलीथिन की बिक्री को प्रतिबंधित करेगा.
बैठक में ये थे शामिल : बैठक में नगर पर्षद के सभापति हैदर अली, उपसभापति निकेत कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी हिमानी कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी रवींद्र कुमार के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे.
दारू-शराब छोड़ने की दी नसीहत : दूसरी ओर मद्य निषेध दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी रचना पाटील ने विस्तार से इसके दुष्परिणामों की चर्चा की और लोगों से इससे अलग रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि शराब न केवल हमारे वर्तमान को नष्ट कर देती है बल्कि वह हमारे भविष्य के लिए भी घातक है. इस दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी उपस्थित थे.
