पंचायतों के आरक्षण को लेकर असमंजस में हैं प्रतिनिधि

देसरी : पंचायत चुनाव अप्रैल में होने हैं. उससे पहले प्रत्येक पंचायत में जो आरक्षण की स्थिति है, वह बदल जायेगी. नये सिरे से पंचायत को आरक्षित किया जायेगा. वर्तमान जनप्रतिनिधि एवं वैसे लोग जो चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, वह प्रतिदिन प्रखंड कार्यालय पहुंच कर कभी बीडीओ तो कभी प्रधान सहायक तो अन्य […]

देसरी : पंचायत चुनाव अप्रैल में होने हैं. उससे पहले प्रत्येक पंचायत में जो आरक्षण की स्थिति है, वह बदल जायेगी. नये सिरे से पंचायत को आरक्षित किया जायेगा. वर्तमान जनप्रतिनिधि एवं वैसे लोग जो चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, वह प्रतिदिन प्रखंड कार्यालय पहुंच कर कभी बीडीओ तो कभी प्रधान सहायक तो अन्य कर्मचारी से अपनी पंचायत के आरक्षण स्थिति क्या होगी, जानने को बेताब हैं.

प्रखंड की आठ पंचायतों में दो जफराबाद एवं रमलपुर हबीव अनुसूचित जाति के लिए मुखिया पद वर्तमान में आरक्षित है. वहीं धर्मपुर राम राय में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए मुखिया पद सुरक्षित है. देसरी एवं भिखनपुरा पंचायत सामान्य महिला के लिए सुरक्षित है.

वहीं उफरौल, जहांगीरपुर शाम, आजमपुर में मुखिया पद सामान्य स्थिति में. अगर पंचायत में दलितों की आबादी पर आरक्षण रोस्टर चलेगा तथा जफराबाद में 3708 रसलपुर हवीव में 3523 अनुसूचित जाति की संख्या है, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. वहीं तीसरे स्थान पर आजमपुर है, जहां 2932, चौथे स्थान पर भिखनपुरा है, जहां 2879 अनुसूचित जाति की संख्या है. जिससे माना जा रहा है कि अनुसूचित जाति के लिए मुखिया पद आरक्षित होने की आशंका है.

वहीं जहांगीरपुर शाम में 2098, धर्मपुर राम राय में 2016, उफरौल में 1461, देसरी में 1418 अनुसूचित जाति की संख्या है. पंचायत में आरक्षण की स्थिति पूछने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्पष्ट कुछ नहीं बताया, इतना कहा कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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