पिछले13 वर्षों में सुभाष चौक स्थित बाजार में हुए कई सकारात्मक बदलाव
हाजीपुर : नगर के हृदय स्थली राजेंद्र चौक से सटे सुभाष चौक बाजार के तेजी के साथ विकसित होने की कहानी की शुरुआत वर्ष 2004 से हुई. बाजार के व्यवसायियों का कहना है कि पहले उक्त बाजार में शाम ढलते ही ग्राहकों की आवाजाही कम होने लगती थी. नगर के प्रतिष्ठित परिवारों के सदस्य शाम […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
हाजीपुर : नगर के हृदय स्थली राजेंद्र चौक से सटे सुभाष चौक बाजार के तेजी के साथ विकसित होने की कहानी की शुरुआत वर्ष 2004 से हुई. बाजार के व्यवसायियों का कहना है कि पहले उक्त बाजार में शाम ढलते ही ग्राहकों की आवाजाही कम होने लगती थी. नगर के प्रतिष्ठित परिवारों के सदस्य शाम होने के बाद बाजार में समय बिताना उचित नहीं समझते थे.
अतिक्रमण की वजह से बाजार की सड़क सिकुड़ कर छोटी हो गयी हैं. विशेषकर महिलाएं अपनी-अपनी खरीदारी शाम ढलने से पहले ही कर लेने को तत्पर रहा करती थी. महिलाओं एवं संभ्रांत लोगों के दिलों में शराब की दुकानों पर शराब के शौकीन लोगों के लगने वाले जमावड़े का भय सताता रहता था. मालूम हो कि शराबबंदी कानून के लागू होने से पहले सुभाष चौक बाजार के बीचोबीच शराब की दुकानें हुआ करती थी.
ऐसे तो हाजीपुर नगर की विभिन्न सड़कों और चौक-चौराहों पर जाम की समस्या अब आम हो चली है, परंतु सुभाष चौक स्थित बाजार की सड़क पर जाम की समस्या काफी गंभीर समस्या का रूप धारण करता चला जा रहा है.
कोई ऐसा दिन नहीं और रविवार के दिन को छोड़कर किसी दिन कोई ऐसा पल नहीं, जब बाजार की सड़क पर गुजरने वाले लोगों को जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है. साथ ही अतिक्रमण की समस्या भी उक्त बाजार की एक दूसरी गंभीर समस्या मानी जाती है. ठेले वाले और खोमचे वालों की ओर से बाजार की सड़क के दोनों किनारों पर कब्जा कर लिया जाता है. जिससे बड़े एवं छोटे सभी वाहनों के परिचालन में कठिनाई होती है और फलत प्रत्येक दिन उक्त बाजार की सड़क पर लोगों को भीषण जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है.
बिक्री के लिहाज से बाजार का आकार अन्य बाजारों की अपेक्षा बड़ा : बिक्री के लिहाज से सुभाष चौक बाजार का आकार नगर के अन्य बाजारों की अपेक्षा बड़ा होने की जानकारी व्यवसायियों ने दी और बताया कि नगर के गुदरी बाजार, सिनेमा रोड बाजार जैसे बड़े एवं विकसित बाजारों में सुभाष चौक बाजार भी शामिल है. हजारों ग्राहक विभिन्न प्रकार के उत्पादों की खरीदारी के लिए प्रत्येक दिन बाजार में पहुंचते हैं. एक महीने में उक्त बाजार में करोड़ों का मिलाजुला कारोबार होने की बात बाजार के व्यवसायी स्वीकार करते हैं.
बाजार की सड़क पर जाम की समस्या सबसे गंभीर समस्या के रूप में उभरती जा रही है. ठोस प्रशासनिक इंतजामों के जरिये जाम की समस्या को दूर किया जा सकता है.
देवनारायण साह,व्यवसायी
पहले बाजार में बिजली की अक्सर समस्या बनी रहती थी. अब उक्त समस्या का लगभग समाधान हो चुका है. बिजली की समस्या में सुधार होने से बाजार के व्यवसायियों को काफी राहत मिली है.
चंदन कुमार, दुकानदार
अक्सर सुभाष चौक स्थित बाजार में दवाओं एवं अन्य सामानों की खरीदारी के लिए आते हैं. पहले की अपेक्षा बाजार का काफी विकास हुआ है. ग्राहकों एवं व्यवसायियों के लिए सुविधाओं का विस्तार भी देखने को अब मिल रहा है.
कमल कुमार प्रसाद, ग्राहक, चकसिकन्दर,बाकरपुर
पहले महिलाएं शाम ढलने के बाद बाजार में समय बिताना उचित नहीं समझती थी.चंदामामा कपड़े की दुकान सहित अन्य कई प्रतिष्ठानों के बाजार में स्थापित होने के बाद वर्ष 2004 से बाजार का द्रुतगति से विकास होने लगा और अब महिलाएं निश्चित होकर देर शाम तक खरीदारी करती हैं