खटारा जीप से होती है क्षेत्र की गश्ती

पातेपुर ग्रामीण : पांच दशक पहले आयी फिल्म हाथी मेरे साथी के गीत चल यार धक्का मार, बंद है मोटरकार की याद आज उस समय ताजा हो गयी, जब जिले के पातेपुर अंचल कार्यालय की जीप को धक्का मारकर स्टार्ट करते लोगों ने देखा. आश्चर्य उस समय हुआ जब बंद जीप को स्टार्ट करने के […]

पातेपुर ग्रामीण : पांच दशक पहले आयी फिल्म हाथी मेरे साथी के गीत चल यार धक्का मार, बंद है मोटरकार की याद आज उस समय ताजा हो गयी, जब जिले के पातेपुर अंचल कार्यालय की जीप को धक्का मारकर स्टार्ट करते

लोगों ने देखा.
आश्चर्य उस समय हुआ जब बंद जीप को स्टार्ट करने के लिए सीओ स्वयं धक्का मारते दिखे. विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ और सीओ को नयी सूमो गाड़ी उपलब्ध करायी गयी थी. उस दौरान पातेपुर अंचल कार्यालय को भी एक नयी सूमो गाड़ी उपलब्ध करायी गयी थी. लेकिन चार साल पहले अनुमंडल पदाधिकारी का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उस समय पातेपुर के तत्कालीन सीओ मोतीलाल सिंह थे. उनका स्थानांतरण होने वाला था. अनुमंडल पदाधिकारी को वाहन की आवश्यकता थी. श्री सिंह ने अंचल की सूमो अनुमंडल में भेजवा दी. उनके जाने के बाद चंद्रशेखर ने पातेपुर के सीओ का पद संभाला. दो साल उन्होंने और इसके बाद डेढ़ साल से वर्तमान सीओ पंकज कुमार खटारा जीप से विभागीय काम निबटा रहे हैं.

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