लापरवाही . बारिश के मौसम में अक्सर होती है ऐसी घटना
महुआ : एक तो जर्जर सड़क, ऊपर से बारिश एवं नालों के पानी होने से जाने से पता ही नहीं चलता की सड़क पर खाई है या समतल, जिस कारण लोग उसमें गिरकर घायल हो रहे हैं. फिर भी न तो जनप्रतिनिधि और न ही अधिकारी का ध्यान इस ओर जा रहा है, जिस कारण राहगीरों के साथ साथ व्यवसायियों में आक्रोश है. जो कभी भी उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है. आपको बताते चले कि महुआ नगर पंचायत बाजार के पातेपुर रोड की है. सड़क का आलम यह है कि गांधी स्मारक चौक से फुदेनी चौक तक सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है. सड़क की जर्जर होने के कारण यह पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गयी है.
इन गड्ढों में नालों का गंदा पानी के अलावे बारिश का पानी लग जाने से सड़क पूरी तरह से झील में तब्दील बनी हुई है. जिससे लगता है कि यह पूरी तरह से समतल है. लेकिन सड़क पर बने गड्ढों में पानी लगा रहने के कारण राहगीरों को कुछ पता ही नहीं चलता और साइकिल, बाइक सवार के साथ साथ पैदल चलने वाले लोग भी गिरकर घायल हो जा रहे हैं. शनिवार की सुबह उक्त मार्ग के श्रीकृष्ण ज्वैलर्स के पास सड़क पर गिर जाने से बाइक सवार दंपत्ति घायल हो गये. जिन्हें व्यवसायी अमित कुमार, सुरेंद्र प्रधान, जयप्रकाश बिहारी के साथ अन्य लोगों ने इलाज के लिये निजी हॉस्पिटल में भरती करवाया. लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए गोपाल साह, विक्की कानू, उदय शंकर उर्फ बच्चा बाबू, मुरारी साह आदि लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारी से अविलंब सड़क को बनवाने की मांग की है.
