Bihar: बिहार में खनिज संसाधनों की तलाश और उनके बेहतर इस्तेमाल की दिशा में खान एवं भूतत्व विभाग ने काम तेज करने की तैयारी की है. केंद्र सरकार के सहयोग से खनन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने, नए खनिज क्षेत्रों की पहचान करने और नीलामी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य राज्य में मौजूद खनिज संभावनाओं को सामने लाकर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है.
GSI के साथ होगी खास बैठक
नए खनिज क्षेत्रों की खोज को गति देने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी GSI के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की तैयारी है. खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, बैठक की तारीख जल्द तय की जाएगी. इसमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों में खनिज संसाधनों की संभावनाओं को वैज्ञानिक तरीके से समझने पर चर्चा होगी.
कहां कितना खनिज है, होगी जांच
बैठक में खनिज की उपलब्धता, उसकी गुणवत्ता और संभावित भंडार की स्थिति को समझने पर चर्चा होगी. इसके साथ उन इलाकों को भी चिन्हित किया जाएगा, जहां अब तक खनिजों की पर्याप्त खोज नहीं हो पाई है. अन्वेषण से मिलने वाले आंकड़े आगे की योजना में काम आएंगे.
खोज के बाद विकसित होंगे खनिज ब्लॉक
वैज्ञानिक अन्वेषण से जो जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर संभावित खनिज ब्लॉकों को विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा. इसके बाद योग्य खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए आगे बढ़ाने की योजना है. यानी पहले संसाधनों की सही जानकारी जुटाने और फिर उनके इस्तेमाल की दिशा में कदम उठाया जाएगा.
बड़े खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी पर जोर
बिहार में बड़े खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी को और पारदर्शी बनाने के लिए Unified Mining Portal के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है. इस पोर्टल के जरिए नीलामी प्रक्रिया को एक ही तकनीकी व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश होगी. इससे बोली प्रक्रिया में ज्यादा प्रतिस्पर्धा आने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी बेहतर होने की उम्मीद है.
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निवेश और राजस्व बढ़ाने पर सरकार का फोकस
खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से खनिजों की खोज, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी ई-नीलामी को साथ लेकर चलना जरूरी है. सरकार का मानना है कि इससे बिहार के खनन क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. साथ ही राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी का रास्ता मजबूत हो सकता है.
आगे क्या होगा?
अब विभाग की नजर GSI अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक पर है. इसमें खनिज अन्वेषण के संभावित क्षेत्रों और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. अन्वेषण से आंकड़े मिलने के बाद खनिज ब्लॉकों को विकसित करने और उनकी ई-नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है.
