New Rail Line: बिहार में नई रेल लाइनें बिछाने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. इस बीच पंडित दीनदयाल उपाध्याय से पटना होते हुए किऊल, झाझा तक तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की कवायद अब शुरू होने जा रही है. इसकी शुरुआत पटना से होगी. रेलवे बोर्ड की तरफ से बख्तियारपुर से पंडारक के बीच करीब 28 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने के लिए कार्य की अनुमति मिल गई है.
कब से शुरू हो सकता है काम?
बताया जा रहा है कि जुलाई महीने से काम शुरू कर दिया जाएगा. यहां तक कि डिजाइन को लेकर भी अप्रूवल मिल चुका है. अगले 10 दिन के अंदर टेंडर जारी कर दिया जाएगा. इसके बाद इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए रेलवे बोर्ड ने 17 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है. डीडीयू-पटना जंक्शन-झाझा के बीच कुल 400 किमी लंबी तीसरी और चौथी रेललाइन का निर्माण होगा.
छोटे-छोटे रेल खंडों में बंटी होगी रेल लाइन
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य सुगमतापूर्वक तेजी से पूरा करने के लिए इसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा जैसे छोटे-छोटे रेल खंडों में बांटा गया है.
931 करोड़ रुपये की मिली स्वीकृति
पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि पहले फेज में करीब 931 करोड़ की लागत से बख्तियारपुर से फतुहा तक 24 किमी रेललाइन के निर्माण सहित 6.6 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की स्वीकृति रेलवे बोर्ड ने दे दी है. करीब 392 करोड़ की लागत से बख्तियारपुर से पुनारख (30 किमी) के बीच एक हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण और निर्माण की स्वीकृति दी गई है.
जानकारी के मुताबिक, पुनारख से किऊल तक करीब 2514 करोड़ और किऊल से झाझा तक करीब 903 करोड़ की लागत से निर्माण होगा, जिसकी स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम फेज में है. बाकी के रेलखंडों की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है.
क्या मानना है जानकारों का?
जानकारों की माने तो, करीब 56 साल बाद तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-झाझा रेल लाइन का निर्माण 1860-70 के दशक में किया गया था. इसके बाद दोहरीकरण किया गया. तब से यात्री गाड़ियों के साथ-साथ मालगाड़ियों की संख्या निरंतर बढ़ोतरी होती गई.
इसी के मद्देनजर मालगाड़ियों के परिचालन के लिए पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और तीसरी-चौथी लाइन का निर्माण किया जा रहा है. इन लाइनों के निर्माण से मालगाड़ी के साथ-यात्री गाड़ियों का परिचालन सुगमतापूर्वक होगा. जबकि इसके निर्माण से ट्रेनों की रफ्तार प्रति घंटा 20-30 किमी तक बढ़ जाएगी. एक्सप्रेस ट्रेन करीब 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. साथ ही वंदे भारत की रफ्तार 10-20 किमी प्रति घंटे बढ़ जाएगी.
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