मुजफ्फरपुर में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सेवा कि लिए शुरू किया गया मिशन 60 दम तोड़ता दिख रहा है. बताया जा रहा है कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच में मंगलवार को बिजली गुल होने के कारण लगभग आधा घंटा तक पूरे अस्पताल में अंधेरा छाया रहा. मगंलवार की शाम लगभग 6.30 बजे बिजली कट गयी. अंधेरा होने से इमरजेंसी में मौजूद नर्स मरीजों को छोड़ अपने चेंबर में चली गयी. वहीं कुछ डॉक्टर मोबाइल के लाइट में ट्रीटमेंट करते दिखे.
सीसीटीवी की लाइट में कर्मचारी काटते हैं पुर्जा
इमरजेंसी में मौजूद नर्स ने बताया कि बीते दिन भी बिजली कटने के कारण लगभग आधे घंटे अंधेरा छाया रहा. रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मौजूद कर्मी सीसीटीवी कैमरे के लाइट में बैठ पुर्जा काटते दिखे . बिजली कटने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य प्रबन्धक सचिन कुमार ने सुपरवाइजर को बोल जेनरेटर चालू करवाया. मरीजों की शिकायत है कि रात में लाइट जाने पर ज्यादा परेशानी का सामना करना पडता है. ऐसे में मरीज अपने पास कैंडल और टॉर्च भी रखते हैं.
ठंड बढ़ते ही गायब होने लगी बिजली
ठंड बढ़ते ही बिजली गायब होने लगी है. सिकंदरपुर पीएसएस से जुड़े सिकंदरपुर, कुंडल, बालूघाट, अखाड़ाघाट, सरैयागंज टावर, गरीबस्थान क्षेत्र में काफी देर तक बिजली गायब रही. बताया जाता है कि एक माह से एमआइटी पीएसएस का दूसरे सोर्स की लाइन डेड है, जिससे परेशानी बढ़ी है. एमआइटी और सिकंदरपुर पावर सब स्टेशन एक दूसरे से कनेक्टेड है. दोनों पीएसएस के 33 केवीए लाइन का अलग अलग सोर्स था, ऐसे में किसी एक सोर्स के 33 केवीए लाइन में फॉल्ट होता भी था तो दूसरे सोर्स से दोनों पीएसएस की बिजली चालू रहती थी. लेकिन अभी एक ही सोर्स से बिजली चालू है, एक सोर्स की लाइन पानी में पोल गिरने के कारण कई महीनों से बाधित है.
