Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में अपडेट है. सुप्रीम कोर्ट ने भरत तिवारी के एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा है.
याचिका में की गईं थीं ये मांगें
जानकारी के मुताबिक, इस याचिका में एनकाउंटर मामले में सीबीआई जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की गई थी. साथ ही याचिका में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की भी मांग की गई थी, ताकि घटना की एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग की जांच की जाए.
हाई कोर्ट जाने की दी गई सलाह
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता को जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले को लेकर पटना हाई कोर्ट जाने की सलाह दी और सुनवाई से इनकार कर दिया. भोजपुर में भरत तिवारी का एनकाउंटर 17 जून को किया गया था. ऐसे में आज गांव में उनकी तेरहवीं है, जिसमें बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से भी हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है.
भरत के परिजन कर रहे ये मांग
भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद से परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं. उनके परिवार का दावा है कि पुलिस की गोली लगने से पहले भरत ने सरेंडर कर दिया था और अपना हथियार फेंक दिया था. इसके बावजूद उसका एनकाउंटर किया गया. बिहार सरकार की ओर से भी मामले में न्यायिक जांच का ऐलान किया था.
बिहार की अन्य ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
लेकिन परिजन मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे. उन्होंने बिहार सरकार की ओर से कराए जा रहे जांच पर भरोसा नहीं होने की बात कही थी. परिजन दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ा एक्शन लेने, बिलौटी में भरत तिवारी की प्रतिमा बनाने, शहीद का दर्जा देने, भरत के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता देने और जिस गांव के लिए भरत तिवारी आवाज उठा रहा था उस गांव का नाम शहीद भरत तिवारी जवइनियां करने की भी मांग की जा रही है.
बिलौटी में तेहरवीं की तैयारियां
भरत तिवारी के तेरहवीं की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. परिजनों और पारिवारिक मित्रों की ओर से बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारी की जा रही है. आयोजन में करीब 20 से 25 हजार से अधिक लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की जा रही है. भोजन तैयार करने के लिए करजा, बिलौटी और ब्रह्मपुर इलाके के लगभग 100 हलवाई और करीब 300 सहायक लगातार जुटे हुए हैं. खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर और कोयले की व्यवस्था की गई है.
बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों की सुविधा और व्यवस्था संभालने के लिए आस-पास के कई गांवों के करीब 500 स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. जबकि पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकर और बोतल बंद पानी की भी व्यवस्था की जा रही है. श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भरत तिवारी के घर के पास बड़े एरिया में अलग से टेंट लगाया गया है.
Also Read: 3 जुलाई तक खान सर की गिरफ्तारी पर रहेगी रोक, बॉडीगार्ड्स का लाइसेंस किया जा सकता है रद्द
